कभी वेश्यालय की छत पर बने कमरे में बिताया बचपन, पिता थे फैक्ट्री में टूल मेकर; जानिए कीर स्टार्मर की पूरी कहानी…

हाल ही में ब्रिटेन में हुए स्थानीय व क्षेत्रीय चुनावों में लेबर पार्टी को मिली शिकस्त के बाद अचानक प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सुर्खियों में आ गए हैं। इस हार के बाद उनकी ही पार्टी के 80 से अधिक सांसदों ने उनसे इस्तीफे की मांग कर दी है।

राजनीतिक संकट के इस दौर के बीच, वैश्विक स्तर पर कीर स्टार्मर की व्यक्तिगत जिंदगी, उनके कड़े सिद्धांतों और संघर्षपूर्ण अतीत को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

एक संवेदनशील बचपन और पारिवारिक पृष्ठभूमि

2 सितंबर 1962 को लंदन में जन्मे कीर स्टार्मर का शुरुआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण और भावुक करने वाला रहा। उनके पिता रोडने स्टार्मर एक फैक्ट्री में टूल मेकर थे, जबकि मां जोसफीन एक नर्स थीं। उनके माता-पिता दोनों लेबर पार्टी के कट्टर समर्थक थे, यही वजह है कि उन्होंने लेबर पार्टी के संस्थापक कीर हार्डी के नाम पर अपने बेटे का नाम ‘कीर’ रखा।

स्टार्मर का बचपन एक बेहद कठिन दौर से गुजरा क्योंकि उनकी मां ‘आर्थराइटिस’ जैसी एक गंभीर व दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थीं। इस बीमारी के कारण उनकी हड्डियां इतनी कमजोर हो गई थीं कि वे खड़ी भी नहीं हो पाती थीं।

वेश्यालय के कमरे से बैरिस्टर और पीएम बनने तक का सफर

एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने के कारण कीर को पढ़ाई के दौरान आर्थिक तंगहाली का सामना करना पड़ा। कानून की पढ़ाई पूरी करने के लिए पैसे बचाने की खातिर वे एक समय वेश्यालय की छत पर बने कमरे में रहने को मजबूर थे। उन्होंने लीड्स यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली और ऑक्सफोर्ड से पोस्ट ग्रेजुएशन किया।

1987 में बैरिस्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले कीर स्टार्मर ने मानवाधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। उन्होंने ‘लंदन ग्रीनपीस’ के पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए मैकडोनाल्ड्स जैसी दिग्गज कंपनी के खिलाफ मुफ्त में केस लड़ा, जिसे ब्रिटिश इतिहास का सबसे लंबा सिविल ट्रायल माना जाता है।

इस केस ने उन्हें आम लोगों के मसीहा के रूप में पहचान दिलाई। इसके बाद वे 2008 में ब्रिटेन के तीसरे सबसे बड़े कानूनी पद ‘डायरेक्टर ऑफ पब्लिक प्रॉसिक्यूशन’ पर पहुंचे। साल 2015 में पहली बार सांसद बनने के बाद वे 2024 में लेबर पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाकर देश के प्रधानमंत्री बने।

पत्नी से पहली मुलाकात में ही हुआ था झगड़ा

कीर स्टार्मर के नियमों के पक्के होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कानूनी पेशे के दौरान उनके साथी उन्हें ‘मि. रूल्स’ बुलाते थे। उनकी पत्नी विक्टोरिया एलेक्जेंडर से उनकी पहली मुलाकात भी कानूनी दस्तावेज की जांच के सिलसिले में फोन पर हुई थी। उस वक्त कीर के सख्त लहजे से चिढ़कर विक्टोरिया ने गाली देते हुए कहा था, “वह खुद को समझता क्या है!” हालांकि, बाद में दोनों में दोस्ती हुई और वे विवाह के बंधन में बंध गए।

निजी जिंदगी में बेहद सख्त: बच्चों को सोशल मीडिया से रखते हैं दूर

तकरीबन 140 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक कीर स्टार्मर अपनी निजता को लेकर बेहद कड़े नियम रखते हैं। उन्होंने आज तक अपने दोनों बच्चों की तस्वीरें और नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। वे अपने परिवार को राजनीति और सोशल मीडिया की चकाचौंध से पूरी तरह दूर रखते हैं।

वह खुद को नास्तिक कहते हैं, लेकिन अपनी पत्नी की यहूदी मान्यताओं का पूरा सम्मान करते हैं। इसके अलावा, वह फुटबॉल क्लब ‘आर्सेनल’ के कट्टर प्रशंसक हैं और प्रधानमंत्री का चुनाव लड़ने के दौरान भी वे फुटबॉल खेलते थे। उनका मानना है कि फुटबॉल के मैदान पर वे न तो ‘सर’ होते हैं और न ही नेता, बल्कि सिर्फ एक आम इंसान बन जाते हैं।

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