सामूहिक दुष्कर्म और लूट के मामले में दोषसिद्ध बंदी को गुजरात पुलिस ने रविवार को हाथरस से गिरफ्तार किया है। आरोपित ने 29 वर्ष पहले अहमदाबाद में वारदात की थी। 10 वर्षों से पैरोल का उल्लंघन कर फरार चल रहा था।
सादाबाद का सरफद्दीन सुलेमान फकीर गुजरात में काम करता था। 11 फरवरी 1997 को उसने अपने साथियों के साथ वहां के गांव बरेजा के निकट एक परिवार को बंधक बनाकर महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। साथ ही सोने-चांदी के आभूषण और नकदी भी लूट ली थी।
पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन जेल नहीं लौटा
अदालत से सजा मिलने के बाद वह पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन जेल नहीं लौटा। गुजरात के पुलिस महानिदेशक जीएस मलिक के निर्देश पर चलाए गए अभियान के दौरान उसकी तलाश की जा रही थी। दो दिन पहले अहमदाबाद ग्रामीण लोकल क्राइम ब्रांच और पैरोल-फरलो स्क्वाड को सूचना मिली कि सरफद्दीन सादाबाद में अपने घर पर रह रहा है।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से सरफद्दीन को दबोच लिया
रविवार को गुजरात पुलिस हाथरस आई और स्थानीय पुलिस के सहयोग से सरफद्दीन को दबोच लिया। दोपहर पुलिस उसे गुजरात ले गई। वहां अहमदाबाद की साबरमती केंद्रीय कारागार भेजा जाएगा।
हाथरस के एसपी चिंरजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि गुजरात पुलिस द्वारा स्थानीय पुलिस से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की गई। आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।