प्रवीण नांगिया (ज्योतिष सलाहकार):
गुरु के साल 2025 में बहुत परिवर्तन होंगे। अभी गुरु मिथुन राशि में हैं। इसके बाद अक्टूबर में गुरु राशि बदलेंगे।
उसके बाद 11 नवंबर को गुरु वक्री होंगे। आपको बता दें कि गुरू साल में दो से तीन बार वक्री चाल चलते हैं। 11 नवंबर, 2025 को गुरु कर्क राशि में वक्री हो जाएंगे।
फिर वक्री अवस्था में रहते हुए 04 दिसंबर, 2025 को मिथुन राशि में एक बार फिर से प्रवेश करेंगे। इस प्रकार गुरु 120 दिनों के लिए वक्री हो रहे हैं।
आपको बता दें कि गुरु का वक्री होना मायने रखता है। बृहस्पति ग्रह आगे की ओर न बढ़कर पीछे की ओरच लते हैं, तो इसे गुरु की वक्री चाल कहते हैं। गुरु की मार्गी चाल लाभ देती है, लेकिन गुरु की वक्री चाल से कई राशियों पर प्रतिकूल प्रभाव होता है। यहां पढ़ें वक्री गुरु किन राशियों को लाभ देंगे।
मिथुन राशि वालों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन बहुत खास होगा। इस राशि में गुरु कुछ दिन विराजमान रहेंगे। ऐसे में करियर में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।
बिजनेस आगे बढ़ेगा और आपके लिए नए इनकम के रास्ते बनेंगे, जिससे आपको लाभ होगा। गुरु के वक्री होने के कारण थोड़ी दिक्कत संतान पक्ष से हो सकती है।
कर्क राशि में भी गुरु वक्री हो रहे हैं, ऐसे में विवाह आदि के योग बनेंगे, लेकिन आपको बिजनेस में किसी की सलाह से आगे बढ़ना चाहिए। बिजनेस के तुलना में नौकरी से अधिक लाभ प्राप्त होता है।
वृश्चिक राशि वालों को भी वक्री गुरु लाभ देंगे। इस राशि के लोगों को जीवन में धन और सम्मान हासिल होगा। लेकिन विवाह में देरी होने के योग बन रहे हैं।