पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार का बड़ा निर्णय, फोर्स मेज्योर क्लॉज लागू किया गया…

पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने फोर्स मेज्योर(अप्रत्याशित स्थिति) क्लाज को लागू कर दिया है।

इस क्लाज के लागू होने पर सरकारी विभाग से जुड़े सप्लायर और कांट्रैक्टर को अपना दायित्व पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

यह क्लाज उनके लिए लागू माना जाएगा जिनके काम पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रभावित हुआ है।

फोर्स मेज्योर क्लाज अप्रत्याशित या अपने नियंत्रण से बाहर की घटना जैसे कि बाढ़, युद्ध, प्राकृतिक विपदा जैसी स्थिति में लागू किया जाता है और इन वजहों से जब कोई कांट्रैक्टर या सप्लायर अपना दायित्व या अनुबंध को समय पर नहीं पूरा कर पाता है तो भी उस पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होती है।

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की तरफ से जारी निर्देश के मुताबिक फोर्स मेज्योर का लाभ उन एजेंसियों को मिलेगा जो पहले अपने काम को पूरा करने में डिफाल्टर नहीं हुए हैं।

उन्हें कम से कम दो महीने और अधिकतम चार महीने का अतिरिक्त समय अपने काम को पूरा करने के लिए दिया जाएगा।

वित्त मंत्रालय ने किया साफ

हालांकि इस छूट के लिए उनके काम की प्रकृति और पश्चिम एशिया संकट से पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा की जाएगी। असल में कांट्रैक्ट में समय पर काम पूरा नहीं होने पर भारी जुर्माना या अनुबंध को रद करने का प्रविधान होता है। फोर्स मेज्योर में इस प्रविधान को टाल दिया जाता है।

वित्त मंत्रालय की तरफ से यह भी साफ किया गया है कि ऐसा नहीं है कि सरकारी विभाग में काम करने वाली सभी एजेंसी या कांट्रैक्टर को फोर्स मेज्योर का लाभ मिलेगा।

जो पश्चिम एशिया संकट के कारण अपना काम समय पर पूरा नहीं कर पाए हैं, सिर्फ उन्हें ही राहत मिलेगी। कोरोना काल में भी सरकार ने फोर्स मेज्योर क्लाज को लागू किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *