LPG संकट से निपटने के लिए सरकार सख्त, 7.66 लाख PNG कनेक्शन का खाका तैयार; छापेमारी अभियान तेज…

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर दुनिया के बड़े हिस्से में देखने को मिला है। भारत में भी Crude Oil और LPG की समस्या से लोग खासा परेशान हुए हैं। लोगों को रसोई गैस की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने खास प्लान तैयार किया है।

सरकार की ओर से आए बयान के अनुसार देश में LPG की सप्लाई सामान्य है। सभी को नियमित सप्लाई के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा लगातार छापेमारी की जा रही है और सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने का काम तेजी से हो रहा है।

डोमेस्टिक और कामर्शियल LPG पर बड़ा आंकड़ा

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि लगभग 94 प्रतिशत सिलेंडरों की डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड के साथ की जा रही है।

उन्होंने कहा कि 21 अप्रैल तक करीब 5 लाख बुकिंग हुई थीं, जिनमें से लगभग 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर बांटे गए। कामर्शियल सिलेंडर की कमी पर उन्होंने कहा कि सप्लाई प्रभावित हुई है लेकिन इसे 70 प्रतिशत तक बहाल किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि अप्रैल महीने में लगभग 131,000 टन, यानी लगभग 69 लाख 19 किलोग्राम के सिलेंडर बेचे गए हैं। इसके अलावा, कल एक ही दिन में 8,199 टन कॉमर्शियल LPG बेची गई। 5 किलोग्राम के सिलेंडरों की बात करें तो, 23 मार्च से अब तक 20 लाख से अधिक सिलेंडर बेचे जा चुके हैं,”।

PNG में शिफ्ट हों लोग

सुजाता शर्मा ने कहा कि नैचुरल गैस के संदर्भ में सरकार का जोर है कि अधिक से अधिक लोग PNG में शिफ्ट हों। उन्होंने आंकड़ा बताते हुए कहा कि मार्च के महीने से अब तक 5.10 लाख PNG कनेक्शन वालों को गैस दी गई है साथ ही 2.5 लाख से अधिक नए कनेक्शन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

इन दोनों की संख्या करीब 7 लाख 66 हजार है, इसके अलावा 5 लाख 77 हजार नए कस्टमर रजिस्टर्ड हुए हैं।

जमाखोरी रोकने के लिए छापेमारी तेज

सिलेंडरों की सप्लाई का आंकड़ा देते हुए सुजाता शर्मा ने आगे बताया कि हम जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लेकर भी काफी सख्त हुए हैं। इसको ध्यान में रखते हुए 21 को करीब 3200 छापेमारी हुईं जिसमें 285 सिलेंडर सीज किए गए।

इसके बाद उन्होंने सिलेंडर और डीजल-पेट्रोल के पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही और पैनिक बॉइंग ना करने की अपील की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *