वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि उसके पास छोटे और सीमांत किसानों की एकमुश्त कर्ज माफी का कोई प्रस्ताव नहीं है।
पंकज चौधरी ने लोकसभा में प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि मुश्किल में फंसे कर्जदारों को राहत देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने 28 नवंबर, 2025 को संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के समाधान पर दिशानिर्देश, 2025 जारी किया, जिसे एक जुलाई, 2026 को अपडेट किया गया।
इस निर्देश के तहत ऋणदाताओं को अपने बोर्ड से मंज़ूर नीतियों और नियामक दिशानिर्देश के आधार पर तनावग्रस्त कर्जदारों के ऋण के वित्तीय पुनर्गठन की छूट दी गई है।
अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में पंकज चौधरी ने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत सरकार को प्रस्ताव भेजा था जिसमें ‘फील्ड ट्रायल’ के लिए 10 रुपये और 20 रुपये के एक-एक अरब पालीमर बैंक नोट पेश करने और ‘फील्ड ट्रायल’ सफल होने के बाद इन दो मूल्य वर्गों में पालीमर बैंक नोटों को नियमित रूप से जारी करने की बात कही गई थी। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
आरबीआई ने दी थी जानकारी
गौरतलब है कि आरबीआई ने जानकारी दी थी कि अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, पालीमर बैंकनोटों की उम्र कागज के बैंकनोटों की तुलना में काफी ज्यादा होती है। पालीमर बैंक नोट लाने का काम अभी शुरुआती चरण में है और डिजिटल भुगतान पर इनका क्या असर होगा, यह इन नोटों के नियमित रूप से जारी होने के बाद ही पता चल पाएगा।