गोवा की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) ने बैना निवासी तौफीक कोतुर को एक महिला के साथ शादी का झांसा देकर रेप करने के मामले में 10 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।
आरोपी तौफीक कोतुर ने 2015 में पीड़िता से दोस्ती की थी, जब वह सेल्सगर्ल के रूप में काम कर रही थी। पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के अनुसार, शादी का झूठा वादा करके आरोपी ने पीड़िता की सहमति प्राप्त की और कई बार उसके साथ यौन संबंध बनाए। बाद में उसने शादी का वादा तोड़ दिया।
आरोपी की दलील
अदालत में तौफीक कोतुर ने कम सजा की मांग करते हुए कहा कि वह हाल ही में शादीशुदा है, उसके एक छोटा बच्चा है, वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है और किराए के मकान में रहता है। पब्लिक प्रॉसीक्यूटर ने कहा कि आरोपी के कृत्यों से पीड़िता की जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) की प्रिसाइडिंग ऑफिसर पूजा कावलेकर ने फैसले में कहा कि हालांकि दोषी को सुधार का मौका मिलना चाहिए, लेकिन यह भी सच है कि रेप की पीड़िता की जिंदगी उस सदमे के बाद हमेशा के लिए बदल जाती है।
क्या है सजा का आधार?
अदालत ने आजीवन कारावास की सजा देने का कोई आधार नहीं पाया क्योंकि पीड़िता ने किसी हिंसा या क्रूरता का आरोप नहीं लगाया था। कोर्ट ने कहा कि दोनों के बीच रिश्ता था और यौन संबंध शादी के वादे पर आधारित थे।
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी ने गर्भपात कराने के लिए पीड़िता पर दबाव डाला था, लेकिन गर्भपात कराने के आरोप में उसे बरी कर दिया गया क्योंकि पीड़िता को दी गई गोलियों की प्रकृति के बारे में कोई पुष्टि करने वाला सबूत नहीं था।
अदालत ने माना कि हालांकि आरोपी गर्भावस्था के खिलाफ था और गर्भपात चाहता था, लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि उसने खुद गर्भपात कराया।
अदालत ने कहा कि पीड़िता को गोवा विक्टिम कंपेंसेशन स्कीम के तहत यौन हिंसा और अन्य अपराधों की पीड़िताओं के लिए दिए जाने वाले मुआवजे का भी हक है।