जापान में एक भारतीय रेस्टोरेंट मालिक की आंखों में तब आंसू आ गए, जब अधिकारियों ने उसके ‘बिजनेस मैनेजर वीजा’ के रिन्यूअल के आवेदन को रिजेक्ट कर दिया। इसके चलते उन्हें अपना वह रेस्टोरेंट बंद करने पर मजबूर होना पड़ा, जिसे वह 10 सालों से चला रहे थे।
मनीष कुमार, जिसका साइतामा प्रीफ्रेक्चर में एक भारतीय रेस्टोरेंट हैं, ने बताया कि जापान की इमिग्रेशन सर्विसेस एजेंसी ने हाल ही में देश के सख्त इमिग्रेशन नियमों के तहत उनके आवेदन को नामंजूर कर दिया।
टोक्यों में एक विरोध रैली को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि इस फैसले से वह पूरी तरह टूट गए हैं और उन्हें जापान में अपने परिवार के भविष्य की चिंता सता रही है।
उन्होंने कहा, “दो हफ्ते पहले, ISA ने मुझसे कहा कि मैं अपने देश वापस चला जाऊं। मेरे बच्चे जापान में ही पैदा हुए और यहीं पले-बढ़े हैं, वे सिर्फ जापानी भाषी ही समझते हैं और उनके सभी दोस्त भी जापानी ही हैं, लेकिन फिर भी हमसे कहा जा रहा है कि हम भारत वापस चले जाएं। अब मैं क्या करूं? “
कुमार का मामला छोटे विदेशी कारोबारियों के बीच बढ़ती घबराहट का प्रतीक बन गया है। यह स्थिति तब पैदा हुऊ, जब पिछले साल जापान ने अपने ‘बिजनेस मैनेजर वीजा’ सिस्टम में बड़े पैमाने पर बदलाव लागू किए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में नए नियम लागू होने के बाद से इस वीजा के आवेदनों में 96 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। बताया जा रहा है कि मासिक आवेदनों की संख्या लगभग 1,700 से घटकर महज 70 रह गई है।
जापान टाइम्स के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि ये सख्त नियम इसलिए बनाए गए हैं, ताकि लोग बिना कोई वास्तविक कारोबार चलाए, इस वीजा का इस्तेमाल लंबी अवधि की रिहायश पाने के एक आसान रास्ते के तौर पर न कर सकें। हालांकि, आलोचकों का तर्क है कि इस सख्ती की चपेट में इस सख्ती की चपेट में वे छोटे कारोबारी भी आ रहे हैं, जो वास्तव में अपना वैध कारोबार चला रहे हैं।
जापान के ‘बिजनेस मैनेजर वीजा’ नियमों में क्या हुए बदलाव?
‘जापान टाइम्स’ के अनुसार, देश ने इस वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशी उद्यमियों हेतु पात्रता की शर्तों को काफी सख्त कर दिया है।
पूंजी की आवश्यकता को छह गुना बढ़ाया गया
न्यूनतम पूंजी निवेश की आवश्यकता को 50 लाख येन (लगभग 30 लाख रुपये) से बढ़ाकर 3 करोड़ येन (लगभग 2 करोड़ रुपये) कर दिया गया है। इसके चलते छोटे कारोबारियों के लिए इस वीजा के लिए योग्य हो पाना अब कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है।
फुल टाइम कर्मचारी रखना अनिवार्य
आवेदकों के लिए अब यह अनिवार्य है कि वे कम से कम एक पूर्णकालिक स्थानीय कर्मचारी को रोजगार दें। इससे पहले, यदि पूंजी निवेश की शर्त पूरी हो जाती थी, तो कर्मचारियों को नियुक्त करना वैकल्पिक होता था।
भाषा की शर्त लागू
KPMG की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब आवेदकों या पूर्णकालिक कर्मचारियों से जापानी भाषा में दक्षता दिखाने की उम्मीद की जाती है, आमतौर पर JLPT N2 स्तर के आसपास।
अनुभव की कड़ी जांच
विदेशी आवेदकों को अब प्रबंधन का अनुभव भी दिखाना होगा या उनके पास संबंधित व्यावसायिक योग्यताएं होनी चाहिए।
व्यावसायिक योजनाओं की कड़ी जांच-पड़ताल
अब व्यावसायिक योजनाओं के लिए पेशेवर प्रमाणन की आवश्यकता है, और अधिकारियों ने कर रिकॉर्ड तथा कार्यालय की वैधता की जाँच बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि अब ‘होम ऑफिस’ (घर से काम करने की व्यवस्था) स्वीकार्य नहीं हैं। हालांकि जापानी सरकार का कहना है कि इस प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने के लिए ये सुधार आवश्यक हैं, लेकिन कई विदेशी उद्यमियों को डर है कि इन उपायों से उन छोटे व्यवसायों को नुकसान पहुंच सकता है जो वर्षों से जापान में काम कर रहे हैं।