बलूचिस्तान के साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले गुलाम जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) में भी पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह और विरोध-प्रदर्शन अपने चरम पर पहुंच गए हैं।
मुजफ्फराबाद समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए मौलिक अधिकारों की बहाली और पीओजेके से पाकिस्तानी सेना की वापसी की मांग की है।
साथ ही निर्मम हत्याओं का विरोध करते हुए नागरिक स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंधों के लिए जवाबदेही की मांग की है।
पीओजेके में पाकिस्तान सरकार के जुल्म के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही संयुक्त आवामी कार्रवाई समिति (जेएएसी) ने एक्स पर कई वीडियो साझा करते हुए कहा, “नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग अत्यंत चिंताजनक है। हम हिंसा के तुरंत अंत की मांग करते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों व मीडिया से आग्रह करते है कि वे जमीन पर स्थिति की निगरानी करें।”
जेएएसी द्वारा जारी वीडियो में दिखाया गया कि लोग मुजफ्फराबाद, रावलकोट, बोकहरा व मंडहोल की सड़कों पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए हैं। हजीरा मंडहोल में छात्रों ने अपने मौलिक अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, जिनकी जानें गईं, उनके बलिदानों को नहीं भुलाया जाना चाहिए। उन्होंने पीओजेके से पाकिस्तानी बलों की तत्काल वापसी की भी मांग की। पीओजेके वाले पुंछ के मंडहोल क्षेत्र में हजारों महिलाएं और बच्चे विरोध रैली में शामिल हुए।
जेएएसी ने एक्स पर लिखा,”एक बार फिर, रावलकोट के लोगों ने कार्रवाई समिति के समर्थन में सड़कों पर उतरकर बलों की क्रूर हिंसा के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।” बोकहरा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे विरोध रैली में शामिल हुए।