ईरान की नैया पार लगाएंगे गलीबाफ! मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच चर्चा में आया यह नाम…

तीन हफ्तों से जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान सैन्य संघर्ष के 24वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ये कहकर चौंका दिया कि पश्चिम एशिया के तनाव को कम करने के लिए बीते दो दिनों से ईरानी पक्ष के साथ अमेरिका की बातचीत चल रही है।

उन्होंने तो ईरानी पक्षकारों के नाम नहीं बताए, लेकिन इजरायली मीडिया के जरिये ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गलीबाफ का नाम प्रमुख रूप से चर्चाओं में आ गया।

हालांकि, गलीबाफ ने इन सभी चर्चाओं को विराम देते हुए साफ कर दिया कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है, और फर्जी खबरों का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से बचने के लिए किया जा रहा है जिसमें अमेरिका और इजरायल फंसे हुए हैं।

ट्रंप ने अमेरिका-ईरान बातचीत का दावा किया

गलीबाफ को ईरान के पूर्व सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की ही तरह नेता माना जाता है। 64 वर्षीय गलीबाफ लंबे समय से ईरान की सत्ता ढांचे में प्रभावशाली चेहरा रहे हैं।

पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर और पायलट रह चुके गलीबाफ ने पश्चिम के साथ संवाद की वकालत पहले भी की थी, जिससे उन्हें कट्टरपंथी होते हुए भी व्यवहारिक नेता माना जाता रहा है।

इजरायली हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान की सत्ता संरचना में बदलाव आया है और नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के साथ गलीबाफ की निकटता को उनकी राजनीतिक ताकत के रूप में देखा जा रहा है।

गलीबाफ ने दावे को खारिज किया

2008 से मोजतबा ने गलीबाफ को आगे बढ़ाया है। गलीबाफ पर अतीत में विरोध प्रदर्शनों के दमन और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं। तेहरान के मेयर रहते हुए उन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार राष्ट्रपति पद की दौड़ में बने रहे।

1999 में गलीबाफ तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी को धमकाने के लिए भी जाने जाते हैं। गलीबाफ ने ईरान पुलिस का आधुनिकीकरण भी कराया। ट्रंप ईरान में ऐसे नेता की तलाश कर रहे हैं, जो वेनेजुएला की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज का ईरानी संस्करण जैसा हो, ताकि अमेरिका को ईरान से बातचीत में मुश्किल न उठानी पड़े।

ईरान मामलों के जानकार माइकल रूबिन कहते हैं कि गलीबाफ से बहुत से ईरानी घृणा करते हैं, जबकि कूटनीतिज्ञ उनको व्यावहारिक मानते हैं। इसी बीच ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने गलीबाफ के नाम को पश्चिमी राजनीतिक रणनीति करार दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *