प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131
सनातन धर्म में सूर्य देव के राशि परिवर्तन को ‘संक्रांति’ (Sankranti) के रूप में बहुत श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
जून 2026 में सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसे मिथुन संक्रांति (Mithun Sankranti) कहा जाता है। सूर्य की उपासना करियर में सफलता और अच्छी सेहत (आरोग्यता) के लिए अचूक मानी जाती है।
मिथुन संक्रांति 2026: सूर्य का राशि परिवर्तन
सूर्य देव वर्तमान में वृषभ राशि में विराजमान हैं और 15 जून 2026 को अपनी राशि बदलेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे जीवन में नई ऊर्जा और बौद्धिक विकास का समय माना जाता है।
महत्वपूर्ण समय और शुभ मुहूर्त
अगर आप इस दिन दान-पुण्य या विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो इन समय का खास ध्यान रखें:
गोचर का समय: 15 जून, दोपहर 12:58 बजे सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे।
पुण्य काल: दोपहर 12:59 बजे से शाम 07:20 बजे तक।
महा पुण्य काल: दोपहर 12:59 बजे से दोपहर 03:19 बजे तक (यह समय दान के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।
मिथुन संक्रांति के खास आकर्षण और योग
इस बार की संक्रांति कई अद्भुत संयोगों के साथ आ रही है, जो भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने में सहायक होंगे:
सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग: इस दिन शाम 07:08 बजे तक ये दोनों शुभ योग रहेंगे, जो किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए बहुत शुभ हैं।
अभिजीत मुहूर्त: संक्रांति के दिन अभिजीत मुहूर्त का संयोग पूजा के फल को कई गुना बढ़ा देता है।
करियर में लाभ: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव की इस दिन उपासना करने से कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, जिससे नौकरी और कारोबार की बाधाएं दूर होती हैं।
संक्रांति पर क्या करें? (पूजा विधि)
- संभव हो तो पवित्र नदी में स्नान करें, वरना घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर नहाएं।
- तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- इस दिन अनाज, वस्त्र या ठंडी वस्तुओं (जैसे छाता, घड़ा) का दान करना विशेष फलदायी होता है।
- ‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करें।
पंचांग
सूर्योदय – सुबह 05 बजकर 23 मिनट पर
सूर्यास्त – शाम 07 बजकर 20 मिनट पर
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 02 मिनट से 04 बजकर 43 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 41 मिनट से 03 बजकर 37 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 19 मिनट से 07 बजकर 39 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक