ऐसी धमकी दी कि 24 घंटे में थम गया भारत-पाक युद्ध, नोबेल पुरस्कार की चाह में ट्रंप ने फिर दोहराया दावा…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत में रोजाना ऐसे-ऐसे दावे कर रहे हैं, जिन पर विश्वास किया जाना भी मुश्किल है।

अब ट्रंप ने इस पुरस्कार के विजेता के ऐलान होने से पहले एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने का क्रेडिट लिया है।

ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी धमकी की वजह से दोनों देशों ने 24 घंटों के अंदर युद्ध रोक दिया।

बुधवार को फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जंग को रोकने के लिए टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने सात ऐसे शांति समझौते कराए हैं जहां कई देश सैकड़ों वर्षों से लड़ रहे थे और लाखों लोग मारे जा रहे थे।

उन्होंने कहा, “सभी मामलों में नहीं, लेकिन शायद हमारे द्वारा किए गए सात शांति समझौतों में से कम से कम पांच में, यह व्यापार के माध्यम से हुआ। हम उनके साथ सौदा नहीं करेंगे, जो लड़ते हैं।”

‘सात विमानों को मार गिराया गया’

ट्रंप के दावा किया कि उन्होंने देशों से कहा कि अमेरिका उनके साथ सौदा नहीं करेगा और बहुत अधिक टैरिफ लगाएगा। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बीते मई महीने में हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा, “आप भारत और पाकिस्तान को देखिए। मैंने कहा, अगर आप दोनों संघर्ष नहीं रोकते तो हम आप दोनों के साथ व्यापार नहीं करेंगे। ये दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं। जैसा कि आप जानते हैं, सात विमानों को मार गिराया गया।”

भारत ने किया है खारिज

ट्रंप ने आगे कहा, “मैंने कहा, हम आपके साथ कोई व्यापार नहीं करेंगे। हमारा आपसे कोई लेना-देना नहीं है। हम आप दोनों पर भारी शुल्क लगाएंगे और 24 घंटे के अंदर ही, मैंने शांति समझौता करा दिया।

उन्होंने लड़ाई रोक दी।” ट्रंप के इस तरह के दावों को भारत सिरे से खारिज कर चुका है। भारत ने बार बार यह स्पष्ट किया है कि भारत के हमलों से त्रस्त होकर पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की अपील की थी। इसके बाद दोनों देशों की बीच हुई सीधी बातचीत के बाद ही समझौता हुआ था।

गाजा समझौते पर भी बोले

इस दौरान ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में अपने शांति प्रयासों को एक अनूठी पहल बताया और कहा कि लड़ाई रोकने की उनकी शांति योजना पर इजरायल और हमास की सहमति, मुसलमानों, अरब देशों और अमेरिका के लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है।”

उन्होंने कहा, “यह गाजा से भी कहीं आगे की बात है। यह मिडिल ईस्ट में शांति की बात है और यह एक अद्भुत बात है।”

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