Gas Cylinder Booking Rules: 1 मई से बदल सकते हैं LPG सिलिंडर बुकिंग के नियम, बड़े बदलाव की तैयारी…

मई का महीना आने वाला है, ऐसे में LPG सिलिंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव होने की उम्मीद जताई जा रही है। फरवरी के आखिर में शुरू हुए एशिया युद्ध के कारण, वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र संकट में है, इससे सप्लाई की कमी, डिलीवरी में देरी और कीमतों में बढ़ोतरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

इस स्थिति ने भारत सहित कई देशों को LPG सप्लाई की कमी के संकट से निपटने के लिए महत्वपूर्ण नियम बनाने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि, मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अभी भी जारी है, लेकिन मई 2026 में गैस सिलिंडरों से जुड़े कई बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

मई 2026 में LPG गैस सिलिंडर बुकिंग के नियम

रिपोर्टों के अनुसार, Indian Oil, BPCL और HPCL जैसी तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) LPG सिलिंडरों की डिलीवरी से जुड़े नए नियमों पर चर्चा कर रही हैं। मई 2026 में एक घोषणा होने की उम्मीद है, जिससे LPG की मासिक बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया का मौजूदा परिदृश्य बदल जाएगा।

एक बड़ी उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि 1 मई, 2026 से पूरे भारत में LPG की कीमतों में संशोधन किया जाएगा। ईरान युद्ध के बाद से, भारतीय तेल कंपनियों ने पूरे देश में 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलिंडरों की कामतों में 60 रुपए की बढ़ोतरी की है। लेकिन 19 किलोग्राम वाले LPG सिलिंडरों की कीमतों में तो सिर्फ एक महीने के भीतर ही तीन बार बढ़ोतरी की गई है।

अप्रैल 2026 में, मेट्रो शहरों में 19 किलोग्राम वाले LPG सिलिंडरों की कामतों में 196 रुपए से लेकर 218 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई थी। यह बढ़ोतरी तब हुई, जब OMCs ने 7 मार्च को प्रति सिलिंडर 114.5 रुपए की कीमतें बढ़ाई थीं, और यह बढ़ोतरी तब हुई थी, जब 1 मार्च, 2026 को कीमतों में पहले ही 28 रुपए से लेकर 31 रुपए तक की वृद्धि की जा चुकी थी।

OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम हो सकता है स्थायी

इसके अलावा, यह भी उम्मीद की जा रही है कि कंपनियां LPG सिलिंडर बुक करने के लिए ‘लॉक-इन पीरियड’ में बदलाव कर सकती हैं, जो अभी 25 दिनों का है। साथ ही OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को स्थायी किए जाने की भी उम्मीद है।

सरकार के ताजा अपडेट के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू LPG, घरेलू PNG और CNG की 100% सप्लाई की जा रही है। ऑनलाइन LPG सिलिंडर बुकिंग लगभग 98 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जबकि गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड पर आधिरित डिलीवरी लगभग 94 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

कमर्शियल LPG के लिए, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, फार्मा, स्टील, ऑटोनमोबाइल, बीज, कृषि आदि क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही, प्रवासी मजदूरों को 5 किलो ग्राम FTL की सप्लाई भी दोगुनी कर दी गई है।

गैस सिलिंडर बुकिंग के मौजूदा नियम

45 दिन और 25 दिन

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने सप्लाई और डिमांड दोनों तरफ कई सुधार उपाय पहले ही लागू कर दिए गए हैं। इसमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी इलाकों में बुकिंग का अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन तक करना और सप्लाई के लिए विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है।

LPG कनेक्शन के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन

सरकार ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थियों के लिए आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन करवाना अनिवार्य है कर दिया है। नए निर्देशों के अनुसार, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि eKYC की जरूरत उन LPG उपभोक्ताओं को होती है, जिन्होंने अब तक eKYC नहीं करवाया है।

3 महीने बाद काट दिया जाएगा गैस सिलिंडर कनेक्शन

तेल और गैस सप्लाई में आई रुकावटों के बीच, सरकार ने LPG से PNG में बदलाव को प्राथमिकता दी है। बड़े शहरों और शहरी इलाकों में रहने वाले कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वे ईमेल, पत्र या सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के कस्टमर पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सरकार ने PNG उपभोक्ताओं के लिए अपने घरेलू LPG कनेक्शन सरेंडर करने पर पहले ही रोक लगा दी है, और उन्हें नए LPG कनेक्शन के लिए आवेदन करने से भी मना कर दिया है।

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