जैसे-जैसे अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध बढ़ता जा रहा है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित बनी हुई है वैसे-वैसे श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल को ईंधन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। भारत की मदद के साथ-साथ कई देशों ने ईंधन और ऊर्जा की खपत कम करने के उपायों की घोषणा की है।
होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से भारत भी प्रभावित हुआ है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने कहा है कि उसे पड़ोसी देशों से सहायता के अनुरोध मिले हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, “हमें कुछ पड़ोसी देशों से ऊर्जा निर्यात के लिए अनुरोध मिले हैं, जिनमें बांग्लादेश से डीजल की मांग भी शामिल है। कोई भी फैसला लेने से पहले देश में इसकी उपलब्धता और उत्पादन को ध्यान में रखा जाएगा।”
एक तरफ भारत सहायता के अनुरोधों पर विचार करते हुए अपनी खुद की आपूर्ति को भी देख रहा है वहीं दूसरी तरफ आइए जानते हैं कि पड़ोसी देश मौजूदा ऊर्जा संकट से कैसे निपट रहे हैं।
पाकिस्तान
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने के बावजूद पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने पेट्रोल की कीमतों में 137.24 पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे 458.4 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर कर दिया; यह 43 प्रतिशत की वृद्धि है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इस्लामाबाद अपने कच्चे तेल का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा यूएई और ओमान से खरीदता है, जहां इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण तेल की कीमतें एक नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। हालांकि, पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि देश में पेट्रोल की कीमतों में 80 रुपये की कटौती की जाएगी, जिससे वे घटकर 378 पाकिस्तानी रुपये हो जाएंगी।
होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के कारण उत्पन्न तनाव से निपटने के लिए पाकिस्तान ने सरकारी कार्यालयों के लिए सप्ताह में 4 दिन काम की घोषणा की, स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दीं और ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था शुरू कर दी। इसके अलावा, सरकार ने अगले 30 दिनों के लिए मुफ्त सार्वजनिक परिवहन की भी घोषणा की।
बांग्लादेश
बांग्लादेश अपने तेल और गैस का 95 प्रतिशत हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव के कारण ढाका को अपनी ऊर्जा खपत पर फिर से विचार करना पड़ रहा है। बांग्लादेश ने ऊर्जा की खपत कम करने के लिए दफ्तरों और दुकानों के खुलने का समय घटा दिया है। इसके अलावा, देश में शादियों के मौकों पर सजावटी रोशनी का इस्तेमाल भी अगले आदेश तक प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बांग्लादेश में अब निजी और सरकारी दफ्तरों को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक काम करना होगा, जबकि बैंक सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुले रहेंगे। देश के शॉपिंग सेंटरों को शाम 6 बजे बंद करने का आदेश दिया गया है। हालांकि, खाने-पीने की दुकानों के अपने सामान्य समय पर ही खुले रहने की उम्मीद है।
इसके अलावा, सरकारी विभागों से कहा गया है कि वे ऊर्जा की लागत कम करने के लिए वाहन और कंप्यूटर खरीदने से बचें। ढाका ने ईंधन की खरीद पर भी सीमा तय कर दी है और उर्वरक कारखानों में उत्पादन रोक दिया है।
श्रीलंका
श्रीलंका आर्थिक संकट से जूझ रहा है और 2022 जैसी स्थिति से बचने की कोशिश कर रहा है। ऊर्जा संकट के बीच, कोलंबो को भारत से लगभग 38,000 टन ईंधन भी मिला है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने ईंधन की राशनिंग कर दी है, इसकी कीमत एक-तिहाई बढ़ा दी है और बिजली की दरों में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है।
इसके अलावा, सरकार ने ऊर्जा संकट के कारण स्ट्रीट लाइट, नियॉन साइन और बिलबोर्ड के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। सरकार ने सरकारी संस्थानों से एयर कंडीशनर का इस्तेमाल कम करने, वर्क-फ्रॉम-होम व्यवस्था को फिर से लागू करने और चार-दिनों का कार्य-सप्ताह शुरू करने का भी आग्रह किया है।
नेपाल
नेपाल ने यह घोषणा की है कि मौजूदा ऊर्जा संकट से निपटने के लिए वह अपने काम के हफ्ते को छह दिन से घटाकर पांच दिन कर देगा। अब तक नेपाली कर्मचारियों को हफ्ते में सिर्फ एक दिन, यानी शनिवार को छुट्टी मिलती थी। हालांकि, इस फैसले के साथ ही देश में दो दिन का वीकेंड फिर से शुरू हो गया है।
सरकारी प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने कहा, “ईंधन की आपूर्ति से पैदा हुई मौजूदा मुश्किल स्थिति को देखते हुए सरकार और शिक्षण संस्थान दो दिनों तक बंद रहेंगे।” इस आदेश के साथ सरकारी दफ्तर भी सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम करेंगे।
इस आदेश के बाद नेपाल सरकार ने यह भी कहा है कि वह पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों को बिजली से चलने वाले वाहनों में बदलने के उपायों की समीक्षा करेगी। संकट और घबराहट में खरीदारी के बीच नेपाल ने पिछले महीने से आधे भरे हुए गैस सिलेंडर बेचना भी शुरू कर दिया है।