प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रविवार को मुलाकात हुई।
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया है कि इस दौरान दोनों के बीच क्या बातें हुईं। उन्होंने बताया कि चीन के राष्ट्रपति ने भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने के लिए चार सुझाव दिए हैं।
मिसरी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों की दीर्घकालिक वृद्धि और विकास के लिए अपने दृष्टिकोण साझा किए।
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच इस बात पर आम सहमति बनी कि स्थिर और सौहार्दपूर्ण भारत-चीन संबंध दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों को लाभान्वित कर सकते हैं।
क्या थे जिनपिंग के चार सुझाव
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों को बेहतर बनाने के लिए चार सुझाव दिए हैं। जिनपिंग ने जो पहला सुझाव दिया है, वह रणनीतिक संवाद को मजबूती देना है।
इसके अलावा उन्होंने आपसी विश्वास को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। तीसरा सुझाव, एक-दूसरे की चिंताओं का ख्याल रखने और चौथा सुझाव साझा हितों की रक्षा के लिए बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत देने के संबंध में था। पीएम मोदी ने भी इन सभी सुझावों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
ताकि सीमा पर बनी रहे शांति
चीनी राष्ट्रपति के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने संबंधों के निरंतर और सुचारू विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द की जरूरत पर बल दिया।
मिसरी ने बताया कि मोदी और शी का मानना था कि भारत और चीन के बीच मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीमा पर स्थिति किसी न किसी रूप में समग्र संबंधों पर प्रतिबिंबित होगी।
सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखना संबंधों के समग्र विकास के लिए बीमा की तरह है।