पृथला से विधानसभा में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़े प्रत्याशी व पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा अपनी हार को डेढ़ वर्ष बाद भी भुला नहीं पाए हैं। उन्होंने भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए अपनी हार का दुख इन पंक्तियों के साथ बयां किया गैरों में कहा दम था, मेरी किश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था।
उन्होंने कहा पृथला विधानसभा क्षेत्र में उनकी भाजपा प्रत्याशी के रूप में जो हार हुई वह पार्टी के उन कार्यकर्ताओं की वजह से हुई जो टिकट मांग रहे थे। कई टिकट न मिलने पर कई कार्यकर्ता निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े।
उनके कारण वह चुनाव हार गए। पूर्व विधायक शर्मा ने कहा कि पृथला विधानसभा का पहला चुनाव 2009 में हुआ। तब भाजपा प्रत्याशी को 12 हजार वोट मिले। 2014 में भाजपा प्रत्याशी को 32 हजार वोट मिले।
2019 में भाजपा प्रत्याशी को 10 हजार वोट मिले। 2024 में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया और पहली बार उन्हें पृथला में 50 हजार वोटों का आंकड़ा छूआ। यदि सभी कार्यकर्ता सहयोग करते तो यह सीट भी भाजपा की झोली में होती।
पूर्व विधायक शर्मा के इस सवाल का जवाब प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपने संबोधन में दिया कि भाजपा के नेता अपनी लंबी लाइन खींचे। वह यह नहीं समझें कि पार्टी में कोई सरपंच, विधायक, पूर्व विधायक शामिल हो गया तो उनकी टिकट कट जाएगी। उनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।
विपक्ष के विधायक, पार्षद, सरपंचों में भाजपा को लेकर खलबली मची हुई है। सभी पार्टी में शामिल में होना चाहते हैं। नए-नए काम करके युवाओं, किसानों, महिलाओं, हर वर्ग को अपने साथ जोड़़ें और अपनी अलग से टीम तैयार करें। फिर किश्ती कम पानी में नहीं डूबेगी और आप चुनाव की नदी को पार करके अपनी मंजिल पर पहुंच जाओगे।