दिग्गज इंटरनेट मीडिया मेटा पर कंपनी की एक पूर्व कार्यकारी ने मुकदमा कर दिया है। उन्होंने कंपनी पर उन्हें चुप कराने का आरोप लगाया है।
उनकी केयरलेस पीपुल नामक पुस्तक आई है, जिसमें उन्होंने उस दौर के कई चौंकाने वाले राज उजागर किए हैं, जब वह कंपनी में कार्यरत थीं।
यह मुकदमा गुरुवार को उत्तरी कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में दायर किया गया है। इसमें यह दावा किया गया है कि कंपनी का निजी मध्यस्थता आदेश अमान्य है, जो उन्हें कंपनी के बारे में बोलने या अपनी बेस्टसेलिंग किताब का प्रचार करने से रोकता है।
इसमें यह दावा भी दिया गया है, मेटा छोड़ते समय उन्होंने सेवा समाप्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें उन्होंने कंपनी की बुराई नहीं करने पर सहमति जताई थी, जो दबाव में किया गया था।
आरोप लगाने वाली सारा विन-विलियम्स ने 2011 से 2017 तक फेसबुक में ग्लोबल पालिसी डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थीं। कंपनी छोड़ने के बाद उन्होंने यह किताब लिखी। इस किताब में कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और अन्य कार्यकारियों पर खराब बर्ताव के आरोप लगाए गए हैं।
इसमें इस बता का भी जिक्र है कि जुकरबर्ग ने किस तरह चीनी अधिकारियों का पक्ष जीतने के लिए कथित तौर पर कई प्रयास किए थे। जबकि मेटा ने इसके जवाब में कहा कि विन-विलियम्स ने अपने समझौते का उल्लंघन किया और गलत जानकारियों से भरी किताब लिखी।