गोमेद: रत्न शास्त्र में विभिन्न प्रकार के रत्नों का वर्णन किया गया है।
कुंडली में ग्रहों की स्थिति को सुधारने या बुरे प्रभाव को कम करने में रत्न महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रत्न शास्त्र के अनुसार, गोमेद का रत्न राहु से संबंधित माना जाता है।
कुंडली में राहु ग्रह को मजबूत बनाने या इस ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए गोमेद रत्न पहनने की सलाह दी जाती है।
जरूरी नहीं कि गोमेद का रत्न हर व्यक्ति को सूट कर जाए। इसलिए किसी भी रत्न को धारण करने से पहले ज्योतिषाचार्य से सलाह लेनी चाहिए। इसके साथ ही कुंडली में ग्रहों की स्थिति जरूर देखनी चाहिए।
राहु का रत्न किन राशियों को धारण करना चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गोमेद का रत्न कन्या, कुंभ, मिथुन, वृषभ व तुला राशि के जातक धारण कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन राशियों के ग्रहों के स्वामी का राहु के साथ मित्रता का संबंध माना जाता है।
अगर आपकी कुंडली में राहु छठवें, लग्न या आठवें भाव में बैठे हुए हैं तो भी आप गोमेद का रत्न धारण कर सकते हैं।
राहु का रत्न किन राशियों को धारण करना चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गोमेद का रत्न कन्या, कुंभ, मिथुन, वृषभ व तुला राशि के जातक धारण कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन राशियों के ग्रहों के स्वामी का राहु के साथ मित्रता का संबंध माना जाता है।
अगर आपकी कुंडली में राहु छठवें, लग्न या आठवें भाव में बैठे हुए हैं तो भी आप गोमेद का रत्न धारण कर सकते हैं।