गुलाम कश्मीर (PoK) में तथाकथित विधानसभा चुनावों के पहले चरण के दौरान सोमवार को भारी हिंसा, धांधली के आरोप, राजनीतिक दलों के बीच झड़पों और सुरक्षा बलों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग की खबरों के बीच मतदान हुआ। इस चुनाव को कानून-व्यवस्था की एक बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
बता दें कि क्षेत्र में हफ्तों के भारी तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इस बार चुनाव को तीन चरणों में बांटा गया है। ऐसे में भारी सुरक्षा के बीच मीरपुर डिवीजन में पहले दौर का मतदान शुरू हुआ। हालांकि, गर्मी और तनाव के चलते कई इलाकों में मतदान का प्रतिशत कम देखा गया।
भीमराव में मतपेटी में आग
भीमराव के एक मतदान केंद्र पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भयंकर झड़प हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक मतपेटी को छीनकर उसमें आग लगा दी गई, जिससे अंदर रखे वोट जलकर खाक हो गए। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत जांच की जाएगी कि दोबारा मतदान होगा या नहीं।
कोतली में पीपीपी कार्यकर्ता की हत्या
मिली जानकारी के अनुसार कोतली जिले के नक्याल क्षेत्र में हुई हिंसा के दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के एक कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की मौत हो गई। पार्टी ने इसके लिए राजनीतिक विरोधियों पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि विरोधी समूहों ने इन आरोपों से इनकार किया है। इसके अलावा पीपीपी ने मीरपुर में मतगणना के दौरान हथियारबंद लोगों द्वारा दखल देने की शिकायत भी दर्ज कराई है।
JAAC ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों ने रावलकोट में नागरिकों पर गोलीबारी की, जिसमें कई लोग हताहत हुए। JAAC लंबे समय से आर्थिक मुद्दों, खराब शासन और राजनीतिक सुधारों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है।
पिछले महीने इस्लामाबाद ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। गौरतलब है कि चुनाव का अगला और अंतिम चरण 10 अगस्त को पुंछ जिले में समाप्त होगा, जिसे हालिया प्रदर्शनों का केंद्र माना जा रहा है।