मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक वित्तपोषण पर कार्रवाई, FATF ने ईरान-म्यांमार को किया ब्लैक लिस्ट…

 वैश्विक स्तर पर वित्तीय अनियमितता खासकर मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी वित्त पोषण (टेरर फंडिंग) जैसे मामले पर नजर रखने वाली एजेंसी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने ईरान व म्यांमार जैसे देशों को काली सूची में डाल दिया है।

मैक्सिको के नेतृत्व में गत 19-20 जून को पेरिस में आतंकवाद फंडिंग और अन्य वित्तीय लेनदेन पर चर्चा के लिए एफएटीएफ की बैठक बुलाई गई थी जहां विभिन्न देशों से होने वाली फंडिंग और अनियमितता पर रिपोर्ट सौंपी गई।

इस रिपोर्ट में ईरान, उत्तरी कोरिया व म्यांमार को एफएटीएफ की तरफ से काली सूची में डाल दिया गया है। काली सूची में डाले गए देशों पर प्रतिबंधित व अन्य आतंकवादी संगठनों को वित्तीय मदद देने का आरोप होता है।

ब्लैक लिस्ट देशों पर लगेंगे प्रतिबंध

काली सूची में दर्ज देश को वैश्विक वित्तीय एजेंसियों से मदद नहीं मिल पाती है। ऐसे देशों के साथ कारोबारी ट्रांजेक्शन को सीमित कर दिया जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवाद को फंडिंग नहीं करने को लेकर ईरान की तरफ से किए गए उपायों की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। ऐसे में, ईरान को वित्तीय मदद जोखिम भरा हो सकता है।

वित्तीय एजेंसियों को अपनी सब्सिडियरी या फिर कोई शाखा इन देशों में खोलने से मना किया गया है। एफएटीएफ की काली सूची से बाहर निकलने के लिए ईरान, म्यंमार व उत्तरी कोरिया जैसे देशों को एफएटीएफ के उपायों पर काम करना होगा।

आतंकवादी संगठनों को फंडिंग रोकने व मनी लांड्रिंग पर प्रतिबंध के बाद एफएटीएफ की टीम की जांच के बाद ही उन्हें काली सूची से बाहर किया जा सकता है।

पहली बार भारतीय एफएटीएफ का उपाध्यक्ष

मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण (टेररिस्ट फाइनेंसिंग) के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत के नेतृत्व को स्वीकारा जाने लगा है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल को एफएटीएफ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पहली बार किसी भारतीय को यह पद दिया गया है।

इससे भारत को पाकिस्तान पर नजर रखने में मदद मिलेगी। पाकिस्तान पर भी मनी लांड्रिंग के जरिए आतंकवाद को वित्तीय मदद देने का आरोप रहा है।

एफएटीएफ के वाइस-प्रेसिडेंट को एफएटीएफ प्लेनरी अपने सदस्यों में से चुनती है और वे संगठन के कामकाज को आगे बढ़ाने में प्रेसिडेंट की मदद करते हैं। अपनी नियुक्ति पर अग्रवाल ने बताया कि यह भारत की सामूहिक कोशिश और मनी-लॉन्ड्रिंग व टेरर-फंडिंग को रोकने वाले हमारे मजबूत सिस्टम की पहचान है।

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