मानवता की मिसाल: आर्थिक तंगी के बीच संस्था ने कराया दिवंगत दिव्यांग रमेश सोनी का अंतिम संस्कार…

वर्षा वर्मा (समाज सेविका – लखनऊ, उर्रात्प्रदेश):

मध्य प्रदेश के निवासी रमेश सोनी की मृत्यु के बाद आर्थिक अभाव के चलते परिवार के लिए शव को घर ले जाना और अंतिम संस्कार कराना संभव नहीं था। ऐसे कठिन समय में एक संस्था ने आगे आकर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया।

मध्य प्रदेश को देश का ‘हृदय प्रदेश’ कहा जाता है। यह राज्य अपने समृद्ध वन्य जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। मध्य प्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’ के नाम से भी जाना जाता है। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा जैसे राष्ट्रीय उद्यान इसकी पहचान हैं। हालांकि, आज की यह कहानी न तो यहां के वन्य जीवन की है और न ही प्राकृतिक सौंदर्य की, बल्कि मानवता, संवेदना और सेवा भाव की एक ऐसी मिसाल है, जो हर किसी को भावुक कर देती है।

यह कहानी है 55 वर्षीय रमेश सोनी की, जो दिव्यांग थे और उनका एक हाथ नहीं था। जीवनयापन के लिए वे अपने दूसरे हाथ के सहारे उत्तर प्रदेश के आसपास के जिलों में लोगों से मदद मांगकर अपना गुजारा करते थे। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच उनका जीवन संघर्षपूर्ण था।

इसी दौरान अयोध्या से आ रही एक ट्रेन से गिरने के कारण एक दिव्यांग व्यक्ति की मृत्यु हो गई। मृतक के पास मिले आधार कार्ड के माध्यम से उसकी पहचान मध्य प्रदेश निवासी रमेश सोनी के रूप में हुई। इसके बाद उनके पते का पता लगाकर परिजनों को सूचना दी गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में शव को अयोध्या से लखनऊ लाया गया।

परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि उनके लिए शव को मध्य प्रदेश ले जाना और अंतिम संस्कार का खर्च उठाना संभव नहीं था। ऐसे मुश्किल हालात में ‘एक कोशिश ऐसी भी’ संस्था ने आगे आकर दिवंगत रमेश सोनी के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली।

संस्था ने पूरी संवेदनशीलता और सेवा भाव के साथ शव को पोस्टमार्टम हाउस से बैकुंठ धाम पहुंचाया और अपने स्तर पर विधि-विधान से उनका अंतिम संस्कार कराया। इतना ही नहीं, दिवंगत की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ उनकी अस्थियों के फूल चुनकर 15 दिन बाद बिठूर घाट पर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने की भी योजना है।

यह घटना इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिस्थितियों में भी मानवता और परोपकार की भावना समाज को एक नई दिशा दे सकती है। जब आर्थिक तंगी के कारण अपने ही अपनों के अंतिम संस्कार में असमर्थ हो जाते हैं, तब ऐसे सेवा कार्य समाज के लिए आशा और संवेदना का संदेश बनते हैं।

संस्था की ओर से सभी सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। साथ ही, ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि लोगों का विश्वास और सहयोग इसी तरह बना रहे तथा प्रभु की कृपा सभी पर बनी रहे।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
वर्षा वर्मा
मोबाइल: 8318193805

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