भारत में हर साल सड़क हादसों में करीब 2 लाख लोगों की मौत; नितिन गडकरी ने साझा किया कड़वा सच…

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार, 26 फरवरी को नई दिल्ली में सड़क सुरक्षा पर तीसरे नेशनल कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया।

इस कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने कहा, ‘भारत में हर साल सड़क हादसों की वजह से करीब पांच लाख एक्सीडेंट होते हैं और 1.80 लाख मौतें होती हैं।’

नितिन गडकरी ने इन हादसों को लेकर कहा कि लोगों के व्यवहार में बदलाव और ट्रैफिक कानूनों को लागू करना, सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में देश की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं।

सड़क हादसों से एक साल में पांच लाख मौतें

सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया, देश में ओवरस्पीडिंग से हर साल करीब 1,20,000 मौतें होती हैं, जबकि हेलमेट न पहनने से 54,000 से ज्यादा मौतें होती हैं और सीट बेल्ट न पहनने से 14,000 से ज्यादा मौतें होती हैं।

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया, ‘सड़क हादसों में हर साल 18 साल से कम उम्र के बच्चों की 10,000 से ज्यादा जानें जाती हैं’। नितिन गडकरी ने कहा कि नशे में गाड़ी चलाना, गलत साइड से गाड़ी चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी सड़क हादसों में लोगों की जान जाने के सबसे बड़े कारण हैं।

सड़क हादसों से GDP को नुकसान

नितिन गडकरी ने बताया, सड़क हादसों से भारत की GDP को करीब तीन फीसद के बराबर आर्थिक नुकसान होता है और ऐसी स्थिति पॉलिसी बनाने वालों के लिए एक बुनियादी चुनौती होती है।

नितिन गडकरी ने गाड़ी में मिलने वाली सेफ्टी को लेकर कहा, भारत के ऑटोमोबाइल स्टैंडर्ड को ग्लोबल नॉर्म्स के हिसाब से बनाया जा रहा है।

गाड़ी में अब छह एयरबैग जरूरी हैं। भारी गाड़ियों के लिए नई टेक्नोलॉजी भी लाई जा रही हैं जो इमरजेंसी में ऑटोमैटिक ब्रेक लगा सकती हैं।

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