अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते के महज 15 दिन बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान का आदेश दे दिया।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ओवल ऑफिस में हुई एक खुफिया ब्रीफिंग के बाद ट्रंप का रुख अचानक बदल गया। उन्हें जानकारी दी गई कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है और कुछ जहाजों पर हमले भी किए जा चुके हैं।
इसके बाद ट्रंप इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि ईरान युद्धविराम का ईमानदारी से पालन नहीं कर रहा है।
ईरान को लेकर ट्रंप का रुख बदला
रिपोर्ट के अनुसार, तुर्किये में नाटो शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ट्रंप को खुफिया जानकारी दी कि ईरान ने दक्षिणी शिपिंग रूट पर एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन तैनात किए हैं।
इस ब्रीफिंग के बाद व्हाइट हाउस ने युद्धविराम के तहत दी गई कई रियायतें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। ईरानी तेल बिक्री से जुड़ी छूट रद कर दी गई और होर्मुज के आसपास ईरानी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की मंजूरी दे दी गई।
अंकारा में नाटो सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा कि अब उन्हें नहीं लगता कि यह समझौता टिक पाएगा। उन्होंने ईरान पर भरोसा न करने की बात कही और संकेत दिया कि बातचीत की संभावनाएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं।
इसके बाद अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी सैन्य ठिकानों पर व्यापक अभियान चलाया। रक्षा मंत्री हेगसेथ ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर कार्रवाई और तेज की जाएगी।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा कि यदि ईरान व्यापारिक जहाजों पर हमले जारी रखता है तो अमेरिका और कड़ा जवाब देगा।
वहीं, ईरान ने अमेरिकी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि समझौते का उल्लंघन पहले अमेरिका ने किया। तेहरान का कहना है कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही उसकी शर्तों पर होगी, जबकि अमेरिका इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है।
वॉशिंगटन ने बिना समन्वय के होर्मुज में वैकल्पिक जलमार्ग बनाकर सहमति तोड़ी है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि नौसेना कई हफ्तों से ओमान की तरफ के दक्षिणी रास्ते से जहाजों को निकलने में चुपचाप मदद कर रही थी। इस दौरान 125 से ज्यादा जहाजों ने रात के अंधेरे में ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम बंद करके ये सफर पूरा किया।
होर्मुज में घटी टैंकरों की रफ्तार
रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच इस सप्ताह बढ़े तनाव का असर दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर दिखाई देने लगा है।
शुक्रवार को इस मार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही धीमी पड़ गई, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।
तनाव के बीच इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में करीब 4 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि शुक्रवार को इसमें हल्की नरमी रही।