पाकिस्तान प्रशासित जम्मू-कश्मीर में कड़ी सुरक्षा के बीच होंगे चुनाव, 14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे…

गुलाम जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों की मांग और शोषण के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने के लिए पाकिस्तान वहां पर सुरक्षा बलों की तैनाती और बढ़ाने जा रहा है। मौका होगा 27 जुलाई को वहां पर होने वाला चुनाव।

चुनाव में पाकिस्तान परस्त पार्टियां और प्रत्याशी जीतें, इसके लिए प्रशासन और सेना मिलकर व्यापक तैयारी कर रहे हैं। इसी के चलते पाकिस्तान ने कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के हिस्से में 14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है।

14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात

अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का निर्णय चार जून को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक के क्षेत्र के मुख्य सचिव को लिखे पत्र से सार्वजनिक हुआ है।

लंबे समय से कब्जे वाले इलाके के अधिकारों की मांग उठा रहे अमजद अयूब मिर्जा ने पाकिस्तान सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है।

मिर्जा ने कहा, इससे पाकिस्तान के कपटपूर्ण व्यवहार और औपनिवेशिक मानसिकता का पता चलता है। वह कश्मीरियों को उनके मूल अधिकारों से दूर और अभावों की गिरफ्त में बनाए रखना चाहता है।

इसीलिए सुरक्षा बलों के साए में चुनाव करवाकर मर्जी की सरकार बनवाना चाहता है। विदित हो कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के हिस्सों पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।

गुलाम जम्मू-कश्मीर के चुनाव आयोग ने शुक्रवार को जारी अधिसूचना में बताया है कि प्रत्याशी नौ जून से 19 जून तक नामजदगी के पर्चे दाखिल कर सकते हैं। उनकी जांच का कार्य 20 को होगा।

30 जून तक प्रत्याशी अपने नाम वापस ले सकेंगे और दो जुलाई को आयोग प्रत्याशियों के नामों की सूची जारी करेगा। इसके बाद 27 जुलाई को 53 सदस्यों वाली विधानसभा की 45 सीटों के लिए मतदान होगा जबकि आठ सीटें मनोनयन से भरी जाएंगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस की निगरानी में पूर्ण होगी।

भारत ने जताया विरोध

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में विधानसभा चुनाव कराने की साजिश पर कड़ा विरोध जताया है। कहा है कि यह क्षेत्र अवैध रूप से बलपूर्वक कब्जे में लिया गया है। वहां पर बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन, राजनीतिक गतिविधियों का दमन और आर्थिक शोषण हो रहा है।

इसलिए शोषण को बढ़ावा देने की नीयत से कराया जाने वाला दिखावटी चुनाव निंदनीय है। विदित हो कि पाकिस्तान ने कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में सात जून को चुनाव कराने की घोषणा की है।

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