हिमाचल प्रदेश में लाहुल स्पीति का भ्रमण करने वाले पर्यटक सतर्क हो जाएं। लाहुल स्पीति में बिन बारिश बाढ़ आ गई, पर्यटक भी यह नजारा देखकर हैरान हो गए। मनाली-काजा मार्ग पर अचानक नाले में बाढ़ आने से सड़क पर मलबा आ गया। ऐसा न सोचें कि मौसम साफ है तो बाढ़ आने का कोई मतलब ही नहीं। लाहुल स्पीति के सभी नाले खिली धूप में ही प्रचंड हो रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से पहाड़ों में तापमान ने उछाल मारी है। इस कारण बर्फ पिघलने की रफ्तार भी तेज हुई है। दोपहर बाद नालों में बाढ़ आ रही है। जिन नालों में पुल हैं वहां तो कोई खतरा नहीं, लेकिन जहां पुल नहीं है वहां अचानक पानी बढ़ने से जान खतरे में पड़ सकती है।
4 जगह जोखिम ज्यादा
मनाली-काजा मार्ग पर ग्रांफू से छतड़ू तक लगभग चार नालों में समस्या गहराई है। हालांकि सफर तो ग्रांफू से लोसर तक जोखिमभरा है लेकिन छतड़ू तक के इन नालों में पुल न होने न कारण जोखिम अधिक है।
सफर के लिए यह समय बेहतर
चंद्रताल व स्पीति घाटी की ओर जा रहे हैं तो सुबह का समय सफर के लिए बहुत अच्छा है। सुबह छह बजे मनाली से निकल जाएं और दोपहर एक बजे तक सुरक्षित चंद्रताल व लोसर पहुंच जाएं। एक बजे के बाद ही नालों में बाढ़ आ रही है।
तांदी-संसारी मार्ग पर नाला बना मुश्किल
लाहुल घाटी में भी नाले दोपहर बाद प्रचंड हो रहे हैं। तांदी-संसारी मार्ग के नाले में भी बाढ़ से अब समस्या पैदा होने लगी है। भूस्खलन से जाहलमा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है जिस कारण बीआरओ ने यहां अस्थायी पुलिया का निर्माण किया है। दोपहर बाद नाले में बाढ़ आ रही है जिस कारण यह पुलिया आर पार करना जोखिम भरा हो गया है।
ग्रांफू से छतड़ू तक नाले दोपहर बाद प्रचंड हो रहे हैं। खिली धूप में नालों में पानी व मलबा आ रहा है। राहगीरों से आग्रह है कि हालात की जानकारी लेने के बाद ही ग्रांफू से चंद्रताल व लोसर की ओर निकलें। सुबह सवेरे सफर को प्राथमिकता दें।
-मुकेश राठौर, प्रभारी, पुलिस थाना सिस्सु।
चंद्रताल में टेंट हो रहे फुल
चंद्रताल में रात को रुकने का प्लान है तो टेंट में रहने के लिए एडवांस बुकिंग करवा लें। भारी भीड़ रहने के कारण रहने की व्यवस्था नहीं मिल रही है। बिना बुकिंग के गए और रहने की व्यवस्था नहीं हुई तो आपको 30 किमी दूर लोसर जाना पड़ सकता है।
दोरजे, प्रीतम व तेंजिन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से चंद्रताल आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है।