मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, अनिल अंबानी समूह के दो पूर्व अधिकारियों को हिरासत में लिया…

ईडी ने सोमवार को कहा कि उसने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के ग्रुप एमडी सतीश सेठ और गौतम भाईलाल दोशी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया है और उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया है।

ईडी की जांच में पता चला है कि सतीष सेठ ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के सड़क निर्माण प्रोजेक्ट्स से जनता के पैसों की हेराफेरी करने में अहम भूमिका निभाई है।

ED ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व अधिकारियों को किया गिरफ्तार

गौतम दोशी ने कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिसका इस्तेमाल रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड में गड़बड़ी से हुई कमाई को इधर-उधर करने के लिए किया गया।

ईडी ने कहा कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़े मामलों में 12 जून को गिरफ्तारियां की गईं और जांच जारी रहने के कारण दोनों को ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।

सतीष सेठ को ग्रेटर मुंबई की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया, जिसके बाद ईडी को उनकी ट्रांजिट रिमांड मिल गई। इसके बाद उन्हें नई दिल्ली के द्वारका में स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया और फिर उन्हें छह दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया गया।

गौतम दोशी को नई दिल्ली के राउज एवेन्यू में स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में पेश किया गया, जिसने उन्हें पांच दिनों के लिए ईडी की हि्रासत में भेज दिया।

ईडी ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में इन दोनों को गिरफ्तार किया। रिलायंस ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा कि 70 वर्षीय सतीश सेठ और 73 वर्षीय गौतम भाईलाल दोशी ग्रुप से जुड़े हुए नहीं हैं। सतीश सेठ 2025 और गौतम दोषी 2020 में ग्रुप से अलग हो गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *