ईडी ने पूर्वी भारत के अपने सबसे महत्वपूर्ण गलियारे झारखंड और पश्चिम बंगाल को एक ही कमान के नीचे ला दिया है। रांची जोन के संयुक्त निदेशक (जेडी) प्रभाकर प्रभात को अब कोलकाता जोन का भी अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।
मार्च 2026 में रायपुर से रांची स्थानांतरित किए गए प्रभात को महज दो महीनों के भीतर यह बड़ी जिम्मेदारी मिलना दिल्ली मुख्यालय के स्पेशल प्लान की ओर इशारा कर रहा है। अब रांची और कोलकाता की फाइलें एक ही टेबल पर होंगी, जिससे मनी ट्रेल को ट्रैक करना और भी आसान हो जाएगा।
झारखंड में होने वाले कोयला, जमीन और अवैध खनन घोटालों का पैसा अक्सर कोलकाता की शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) में खपाया जाता है। अब तक दोनों राज्यों के ईडी जोन अलग-अलग तरीके से जांच करते थे, जिससे समन्वय में देरी होती थी।
अब एक ही बॉस होने से इन दोनों राज्यों के बीच फैले क्रास-बार्डर सिंडिकेट को तोड़ना आसान होगा। झारखंड में हुए अधिकांश घोटालों की तार बंगाल से जुड़ी हुई है।
अभिषेक झा के विदेश जाने की याचिका पर 13 को निर्णय
ईडी कोर्ट में मनी लांड्रिंग मामले में आइएएस पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा की विदेश जाने की अनुमति से संबंधित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।
मामले में 13 मई को कोर्ट अपना निर्णय सुनाएगी। बता दें कि पिछले दिनों कोर्ट ने पूजा सिंघल को विदेश (सिंगापुर) जाने में जाने की अनुमति प्रदान की है। अभिषेक झा ने भी कोर्ट से बेटी के इलाज के लिए सिंगापुर जाने की अनुमति मांगी है।
मनरेगा घोटाला मामले की जांच के दौरान ईडी ने पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा और सीए सुमन कुमार सिंह के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान सुमन कुमार सिंह के ठिकाने से 19.31 करोड़ कैश मिले थे। मामले में कार्रवाई करते हुए ईडी ने 11 मई 2022 को पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया था।