नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि पिछले साल दिसंबर में इंडिगो द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ानें रद किए जाने से प्रभावित यात्रियों को यात्रा कूपन के रूप में 163.92 करोड़ रुपये का मुआवजा पहले ही दिया जा चुका है।
गौरतलब है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) की समय सीमा समाप्त होने के बाद पायलटों की कमी के कारण इंडिगो की सैकड़ों उड़ानें पायलटों की कमी के कारण रद कर दी गई थीं।
43.81 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित
प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कई आवश्यक उपाय कर रही है कि इस तरह की घटना दोबारा न हो। मंत्री ने कहा, सत्यापन के बाद ग्राहकों को मुआवजा वितरित किया गया है। अभी भी कई और यात्री हैं जिन्हें अपने यात्रा टिकटों के अनुसार सत्यापन करवाना बाकी है।
43.81 करोड़ रुपये का मुआवजा पहले ही वितरित किया जा चुका है। मंत्रालय एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में था कि यात्रियों को हुए नुकसान के मद्देनजर अधिक मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसलिए यात्रियों को 10 हजार रुपये के कूपन या यात्रा कूपन भी दिए जा रहे हैं।
इसके लिए यात्रियों को 163.92 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। मंत्रालय इस पर लगातार नजर रख रहा है। नायडू ने कहा, हमने अधिक पायलटों की नियुक्ति का सुझाव भी दिया है। इंडिगो ने इन तीन महीनों में ही 246 से अधिक पायलटों को नियुक्त किया है।