लौहनगरी के ओलीडीह थाना क्षेत्र स्थित डिमना रोड में गुरुवार सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी। दिल्ली से लौटे सुप्रीम कोर्ट के होनहार अधिवक्ता शशिभूषण (38) की एक बेकाबू कार की चपेट में आने से मौत हो गई।
हालांकि पुलिस इसे पहली नजर में सड़क हादसा मान रही है, लेकिन चश्मदीदों और परिजनों के बयानों ने इस घटना को साजिश के घेरे में खड़ा कर दिया है।
हादसा या सोची-समझी साजिश?
मानगो की सुभाष कॉलोनी निवासी शशिभूषण गुरुवार सुबह ही दिल्ली से वापस अपने घर जमशेदपुर लौटे थे। कुछ समय घर पर बिताने के बाद वह अपनी स्कूटी से किसी काम के लिए निकले थे।
डिमना रोड स्थित माउंट व्यू स्कूल के पास, उन्होंने अपनी स्कूटी मुख्य सड़क से काफी दूर एक सुरक्षित किनारे पर खड़ी की और मोबाइल पर बात करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तभी एक तेज रफ्तार कार ने अचानक अपनी दिशा बदली और सीधे शशिभूषण को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार अधिवक्ता और उनकी स्कूटी को लगभग 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। शशिभूषण की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
परिजनों और चश्मदीदों के गंभीर आरोप
मृतक के भाई शशि शेखर और मौके पर मौजूद लोगों ने इस घटना के ‘पैटर्न’ पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस स्थान पर शशिभूषण खड़े थे, वहां सामान्य रूप से किसी वाहन का जाना संभव नहीं था जब तक कि उसे जानबूझकर न मोड़ा गया हो।
- हत्या का शक: परिजनों का मानना है कि दिल्ली से लौटने के महज कुछ घंटों के भीतर इस तरह की घटना होना किसी गहरी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
- न्यायिक करियर: बता दें कि शशिभूषण सुप्रीम कोर्ट में वकालत के साथ-साथ जज बनने की तैयारी भी कर रहे थे और हाल ही में उन्होंने न्यायिक सेवा की परीक्षा दी थी।
पुलिस की थ्योरी और जांच
दूसरी ओर, ओलीडीह पुलिस की प्रारंभिक जांच और चालक के शुरुआती फीडबैक के अनुसार, कार के सामने अचानक एक ऑटो आ गया था। उसे बचाने के फेर में चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे स्कूल की दीवार के पास खड़े अधिवक्ता से जा टकराई। घटना के बाद चालक कार छोड़कर फरार होने में सफल रहा।
पुलिस ने भाई की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और अब सच का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। पुलिस कार को जब्त कर फरार चालक की तलाश में छापेमारी कर रही है।