सावन के पहले मंगला गौरी व्रत पर इस समय करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विशेष उपाय…

प्रियंका प्रसाद (ज्योतिष सलाहकार): केवल व्हाट्सएप मेसेज 94064 20131

 सावन में हर मंगलवार को विवाहित स्त्रियों व कन्याओं के द्वारा मंगला गौरी का व्रत किया जाता है।

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए माता गौरी का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु इस व्रत को करती हैं। मंगला गौरी का व्रत विशेष तौर पर माता पार्वती को समर्पित है।

इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ शिव पार्वती का पूजन किया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगला गौरी का व्रत रखने व इस दिन गौरी पूजन करने से मैरिड लाइफ अच्छी रहती है और पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होता है। आइये जानते हैं मंगला गौरी का व्रत पर पूजन के शुभ मुहूर्त, विधि व उपाय-

सावन के पहले मंगला गौरी व्रत पर इस समय करें पूजा, जानें शुभ पूजन मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त 04:12 ए एम से 04:52 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त 11:59 ए एम से 12:55 पी एम
  • विजय मुहूर्त 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त 07:19 पी एम से 07:40 पी एम
  • अमृत काल 09:59 पी एम से 11:33 पी एम

चौघड़िया मुहूर्त

  • चर – सामान्य 09:00 ए एम से 10:44 ए एम
  • लाभ – उन्नति 10:44 ए एम से 12:27 पी एम
  • अमृत – सर्वोत्तम 12:27 पी एम से 02:10 पी एम
  • शुभ – उत्तम 03:54 पी एम से 05:37 पी एम
  • लाभ – उन्नति 08:37 पी एम से 09:54 पी एम
  • शुभ – उत्तम 11:11 पी एम से 12:27 ए एम, जुलाई 16

मंगला गौरी व्रत पूजा-विधि

  • पवित्र नदी में स्नान करें या पानी में गंगाजल मिलकर स्नान करें
  • भगवान शिव का जलाभिषेक या रुद्राभिषेक करें
  • माता का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें
  • अब मां पार्वती को फल, लाल चंदन, मिठाई, लाल रंग के फूल और श्रृंगार का सामान अर्पित करें
  • पूजा में 16 प्रकार की सामग्री चढ़ाएं, क्योंकि इस उपवास में सोलह संख्या का खास महत्व है।
  • मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें
  • संभव हो तो व्रत रखें और व्रत लेने का संकल्प करें
  • मंगला गौरी की व्रत कथा का पाठ करें
  • शिव चालीसा और पार्वती चालीसा का पाठ करें
  • पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव और पार्वती माता की आरती करें
  • भोग लगाएं
  • अंत में क्षमा प्रार्थना करें

मंगला गौरी व्रत उपाय: अगर आपका वैवाहिक जीवन दिक्कतों से भरा हुआ है या शादी होने में कोई न कोई अड़चन आ जाती है तो मंगला गौरी का व्रत रखें।

इस दिन माता पार्वती को लाल चुनरी चढ़ाएं और शृंगार की सामग्री अर्पित करें। शिव-पार्वती की जोड़ें में पति के साथ पूजा करने से मैरिड लाइफ अच्छी रहती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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