NEET पेपर लीक पर सवालों से घिरे धर्मेंद्र प्रधान, 22 लाख छात्रों को दोबारा देनी पड़ सकती है परीक्षा…

मेडिकल के स्नातक कोर्सों में दाखिले से जुडी परीक्षा नीट-यूजी (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडर ग्रेजुएट) के बड़ी संख्या में प्रश्नों के लीक होने की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार ने आयोजन के नौ दिन बाद मंगलवार को पूरी परीक्षा रद करके दोबारा कराने का फैसला किया। पहली बार ऐसा हुआ है जब एनटीए ने पूरी परीक्षा रद की है।

परीक्षा से जुड़ी गड़बडि़यों व प्रश्नों के लीक होने के मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है और उसने जांच शुरू भी कर दी है।

इस सिलसिले में अभी तक देशभर से 16 लोगों को हिरासत में लिया गया है। नीट-यूजी परीक्षा में शामिल हुए 22.79 लाख छात्रों को अब दोबारा परीक्षा देनी होगी। परीक्षा की नई तिथियों का एलान अगले 10 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।

22 लाख छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा

नीट-यूजी का आयोजन तीन मई को देश-विदेश के कुल 565 शहरों में करीब साढ़े पांच हजार परीक्षा केंद्रों पर हुआ था। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी रद किए जाने का निर्णय साझा करते हुए बताया कि छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए नए सिरे से कोई रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। इसके लिए उनसे कोई फीस भी नहीं ली जाएगी। बल्कि छात्रों से जो फीस ली गई है, उसे भी वह वापस करेगा।

दोबारा परीक्षा का पूरा खर्च एनटीए खुद उठाएगी। परीक्षा केंद्र भी नहीं बदले जाएंगे। एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए और परीक्षा की विश्वसनीयता बरकरार रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। इस लीक में शामिल सभी लोगों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा। दोबारा परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी।

इससे पहले भी एनटीए ने रविवार को नीट-यूजी से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आने पर तुरंत इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपने की जानकारी साझा की थी। साथ ही कहा था कि जांच में यदि प्रश्नों के लीक होने की पुष्टि होती है तो परीक्षा को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।

140 से अधिक प्रश्नों के हूबहू मिलने की पुष्टि होते ही लिया फैसला

नीट-यूजी का पेपर लीक होने की अफवाहें वैसे तो परीक्षा के तुरंत बाद फैलने लगी थीं, लेकिन शुरू में न तो एनटीए ने और न ही केंद्रीय एजेंसियों ने इस पर ध्यान दिया। दरअसल, इस बार नए तरह का गठजोड़ सामने आ रहा है। इस गड़बड़ी को पकड़ने में सफलता तब मिली, जब राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑरपेशन ग्रुप (एसओजी) को छात्रों के पास से एक सेंपल या गेस पेपर मिला।

इसके 410 प्रश्नों में से 140 से अधिक प्रश्न परीक्षा के मूल प्रश्नों से हूबहू मिल रहे थे। इसकी जानकारी जैसे ही एसओजी ने साझा की, तो एनटीए के भीतर हड़कंप मच गया। आठ मई को केंद्रीय एजेंसियों से भी यह इनपुट साझा किया गया। बाद में जब केंद्रीय एजेंसियों ने भी प्रश्नों के लीक होने की पुष्टि की, तो केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद एनटीए ने पूरी परीक्षा रद करने का फैसला लिया।

सवाल खड़ा हो रहा है कि पेपर छपने के बाद कुछ सवाल गेस पेपर छापने वाली प्रकाशन कंपनी से साझा किया या गेस पेपर से ही सवाल पेपर में शामिल किए गए। इनके बीच का यह गठजोड़ नया है।

परीक्षा पहले उपलब्ध थी पीडीएफ

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह का इस मामले में कुछ और ही कहना है। एएनआई ने अनुसार, उन्होंने नीट-पीजी रद होने की घटनाओं का क्रम बताते हुए कहा, ‘सात मई की रात हमें एक व्हिसलब्लोअर से जानकारी मिली थी कि परीक्षा से पहले उस व्यक्ति को एक वाट्सएप मैसेज मिला था, जिसमें कुछ सवाल परीक्षा में आए सवालों से हूबहू मिल रहे थे।

एनटीए ने तब इस बात की पुष्टि करनी शुरू की कि क्या कथित तौर पर लीक हुई पीडीएफ तीन मई को हुई परीक्षा से पहले सर्कुलेट की गई थीं। जांच करने पर पता चला कि कुछ सवाल हमारे प्रश्न पत्र से मेल खा रहे थे। यह भी पता चला कि एक और दो मई को वह पीडीएफ कुछ लोगों के फोन में उपलब्ध थी।

उन्होंने कहा ”यह हमारी शून्य सहिष्णुता की नीति के विरुद्ध था। इससे उन छात्रों के भविष्य पर असर पड़ता, जो परीक्षा की कड़ी तैयारी कर रहे हैं। इसलिए उनके हित में हमने यह कदम उठाया।”

2024 में हरियाणा में कुछ केंद्रों पर दोबारा कराई थी परीक्षा

एनटीए 2019 से लगातार नीट-यूजी का आयोजन करा रहा है। इस दौरान इस परीक्षा पर कई बार गड़बडि़यों के आरोप लगे, लेकिन एनटीए हर वर्ष इन आरोपों को खारिज कर देता था। वर्ष 2024 में नीट-यूजी में गड़बडि़यों के मामले ने खूब तूल पकड़ा था। इसके बाद एनटीए को हरियाणा के कुछ परीक्षा केंद्रों की परीक्षा रद करके उन पर दोबारा परीक्षा करानी पड़ी थी।

सीबीआई ने गठित की विशेष टीमें

सीबीआई ने नीट-यूजी से जुड़ी गड़बड़ियों एवं पेपर लीक से जुड़े मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। उन्हें देश के अलग-अलग शहरों के लिए रवाना कर दिया गया है। सीबीआई का कहना है कि वह नीट-यूजी में गड़बड़ी करने व पेपर लीक में शामिल दोषियों को जल्द से जल्द सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

महाराष्ट्र से दो लोग हिरासत में

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में महाराष्ट्र में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। आरोपितों में से एक 30 वर्षीय बीएएमएस का छात्र है, जो पढ़ाई के लिए राज्य से बाहर गया हुआ था। जांचकर्ताओं ने नासिक से हरियाणा, केरल और तमिलनाडु तक फैले लिंक का भी पता लगाया है, जिससे एक अंतर-राज्यीय नेटवर्क होने की संभावना का संकेत मिलता है।

सूत्रों ने बताया कि लीक हुई सामग्री कथित तौर पर नासिक में बांटी गई थी, हालांकि शुरू में वहां कोई छापा नहीं मारा गया था। बताया जा रहा है कि आरोपितों में से एक महाराष्ट्र के नंदगांव का रहने वाला है। महाराष्ट्र पुलिस के निर्देश पर नासिक पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया।

अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध के बारे में जानकारी रात करीब 9.15 बजे मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई और दोपहर के आसपास उसे हिरासत में ले लिया गया।

सीबीआई ने राजस्थान पुलिस के साथ महत्वपूर्ण तकनीकी इनपुट और संदिग्ध का विवरण साझा किया था। उन इनपुट के आधार पर जांचकर्ताओं ने आरोपित की एक तस्वीर हासिल की और उसका मिलान किया।

जांच के दौरान पता चला कि संदिग्ध ने अपनी पहचान छिपाने के लिए बाल कटवाकर, कपड़े बदलकर और सिर मुंडवाकर अपना हुलिया बदल लिया था। हालांकि हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद आरोपित ने अपनी पहचान बता दी।

जांच के दौरान अधिकारियों को आरोपित का नाम, मोबाइल नंबर और लोकेशन का विवरण मिल गया था। सूत्रों ने बताया कि कथित नेटवर्क से जुड़े एक और व्यक्ति को पुणे से हिरासत में लिया गया है। इस बीच, महाराष्ट्र के अहिल्या नगर जिले में इस मामले से जुड़ा एक और पता सामने आया है।

सवालों से बचे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को नीट-यूजी, 2026 रद किए जाने को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। पत्रकारों ने इस विवाद पर उनकी प्रतिक्रिया पूछी थी।

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