पुलिस और सुरक्षा बलों में देसी कुत्तों का प्रदर्शन, PM मोदी खुद करेंगे निरीक्षण; विदेशी नस्लों को नहीं मिली जगह…

पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ काम कर रहे देशी नस्ल के कुत्तों का काम पीएम मोदी खुद देखेंगे। राष्ट्रीय एकता दिवस के दिन यह मौका इसलिए और भी ज्यादा खास होगा क्योंकि 2020 में वह पीएम मोदी ही थे, जिन्होंने विदेशी नस्ल के कुत्तों की जगह पर देशी नस्ल के कुत्तों को ट्रेनिंग देने का विकल्प सुझाया था।

उस समय तक सुरक्षा बल और पुलिस विदेशी कुत्तों की नस्लों जैसे जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर रिट्रीवर और बेल्जियन मलीनोइस आदि पर काफी निर्भर थे। अब पांच साल के बाद सेना और बलों के साथ भारतीय नस्ल के कुत्तों का बोलबाला है।

प्रधानमंत्री मोदी के पांच साल पहले दिए गए सुझाव पर सुरक्षा बलों ने काफी काम किया। अब पीएम मोदी अपने सुझाव की सफलता का जायजा लेंगे।

31 अक्तूबर को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में होने वाले परेड मार्च में भारतीय नस्ल के कुत्तों की एक पूरी टुकड़ी मार्च करेगी।

इस टुकड़ी में मुढ़ोल हाउंड और रामपुर हाउंड जैसी भारतीय नस्ल के कुत्ते मौजूद रहेंगे। पीएम मोदी के सामने इस टुकड़ी का नेतृत्व महिला बीएसएफ मुढ़ोल रिया करेगी।

उसे 2024 में लखनऊ में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में विदेशी नस्लों के 116 प्रतिद्वंदियों को हराकर ‘बेस्ट डॉग’ का खिताब मिला था।

गौरतलब है कि इस पूरी टुकड़ी की ट्रेनिग बीएसएफ ने की है और वर्तमान में यह सभी पूर्वी सीमाओं और अन्य सीमा क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों और अन्य कामों में सैनिकों की मदद करते हैं।

बीएसएफ कमांडेंट (पशु डॉक्टर) संदीप गुप्ता के मुताबिक देशी कुत्तों की एक टुकड़ी बनाने के लिए उन्होंने पीएम मोदी के कार्यक्रम मन की बात को अपनी प्रेरणा बनाया।

इसके बाद उन्होंने भारतीय कुत्तों की नस्लों पर शोध करना शुरू किया और उनकी असली जेनरेशन तक रिसर्च की। दूसरी से तीसरी पीढ़ी पर ही हमें बेहतर परिणाम देखने को मिलने लगे।

इसके बाद उनकी ट्रेनिंग शुरू की गई। फिलहाल अब तक 150 से ज्यादा भारतीय नस्लों के कुत्तों की ट्रेनिंग की जा चुकी है। अभी वह भारतीय सैनिकों की मदद करने के लिए तैनात हैं।

गौरतलब है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर होने वाले इस कार्यक्रम में पीएम मोदी मुख्य अतिथि होंगे।

पीएम के सामने से गुजरने वाली इस परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुत्तों वाली टुकड़ियां, घुडसवार, और ऊंट की टुकड़ियां और राज्य पुलिस बल शामिल होंगे।

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