धर्म परिवर्तन करने वाले वनवासियों को आरक्षण से बाहर करने की मांग तेज, 24 को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन तय…

धर्म परिवर्तन कर चुके वनवासियों को आरक्षण की सुविधा देने पर रोक लगाने की मांग को लेकर देशभर में आवाज तेज हो रही है। इसी कड़ी में 24 मई को दिल्ली के लालकिला मैदान में बड़े स्तर पर वनवासी समाज के लोग जुटकर हुंकार भरेंगे।

दिल्ली में होगा बड़ा प्रदर्शन

वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व मार्गदर्शक सोमयाजुलू ने मुजफ्फरपुर में आयोजित संवाद गोष्ठी में कहा कि मतांतरित वनवासियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर देशभर के वनवासी दिल्ली में एकजुट होंगे, जिसमें बिहार के वनवासी भी शामिल रहेंगे।

समाज की भूमिका पर जोर

उन्होंने कहा कि देश में करीब 12 करोड़ वनवासी रहते हैं, जिनकी परंपरा, संस्कृति और सभ्यता में गहरी आस्था है। यह समाज देश की सुरक्षा और सामाजिक संरचना में भी अहम भूमिका निभाता रहा है।

धर्म परिवर्तन को बताया साजिश

सोमयाजुलू ने आरोप लगाया कि एक सुनियोजित तरीके से वनवासी समाज को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उनका कहना था कि अगर मतांतरण करने वालों को आरक्षण का लाभ मिलना बंद हो जाए, तो इस प्रक्रिया पर अंकुश लगेगा और घर वापसी की गति तेज होगी।

संविधान के प्रावधान का हवाला

उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर ने अनुसूचित जाति के लिए यह व्यवस्था की थी कि धर्म परिवर्तन करने पर आरक्षण का लाभ समाप्त हो जाएगा, लेकिन अनुसूचित जनजाति के मामले में यह प्रावधान लागू नहीं हो सका।

मणिपुर की स्थिति पर भी चर्चा

गोष्ठी में मणिपुर की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बाहरी तत्वों की घुसपैठ से लोगों को भड़काने की कोशिश होती है, हालांकि सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है।

कई गणमान्यरहे मौजूद

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक चंद्रमोहन खन्ना उर्फ चन्नी समेत कई पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। गोष्ठी में प्रदेश महामंत्री अजय नारायण सिन्हा, सचिव राकेश सम्राट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *