मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का ‘बजट’ पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने कुल 12,645 करोड़ रुपये का प्रविधान करते हुए साफ किया कि ‘उपचार लोगों का अधिकार है, उपकार नहीं।’
इस बजट में अस्पतालों के अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार और आधुनिक डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि दिल्ली के हर नागरिक को बेहतर और सुलभ उपचार मिल सके।
बजट अस्पतालों के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए 515 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।
जल्द पूरा होगा आईसीयू अस्पताल का वादा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार पिछली सरकार अधूरे छोड़े गए बात आइसीयू अस्पतालों को शीघ्र पूरा किया जाएगा तथा सभी अस्पतालों में नई डायग्नोस्टिक और जीवन रक्षक मशीनें खरीदी जाएंगी। उन्होंने तंज कसा कि पिछली सरकार इन्हें अधूरा छोड़कर भाग गई थी।
दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 787 करोड़ रुपये प्रविधान किया गया हैं, साथ ही दवा वितरण व्यवस्था में भी सुधार के संकेत दिए।
नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए नई ‘अनमोल योजना’ शुरू की जा रही है। इसके तहत दिल्ली के सरकारी या निजी किसी भी अस्पताल में जन्म लेने वाले हर बच्चे की एक बूंद खून से 56 प्रकार की जन्मजात गंभीर बीमारियों की निश्शुल्क जांच की जाएगी।
ट्रांसजेंडर का भी रखा ख्याल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट में आयुष्मान योजना को और अधिक समावेशी बनाते हुए ट्रांसजेंडर को भी इसके दायरे में शामिल कर लिया गया है। कहाकि यह वर्ग है जिसकी स्वास्थ्य सुरक्षा के बारे में पूर्व की किसी भी सरकार ने नहीं सोचा।
जिसके कारण इन्हें काफी परेशानियां उठानी पड़ती थी।पर, हमने इनका भी ख्याल किया और अब इन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
770 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर
दिल्ली में आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत वर्तमान में संचालित 370 केंद्रों के अलावा इस वर्ष 770 नए आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। इस योजना के लिए सरकार ने बजट में 1,500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।
नौ नए क्रिटिकल केयर ब्लाक
गंभीर रोगियों के बेहतर इलाज के लिए नौ नए क्रिटिकल केयर ब्लाक स्थापित किए जाएंगे। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में 200 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर का निर्माण होगा।
बढ़ेगी मेडिकल कालेज की संख्या और सीट
दिल्लीसरकार के दिल्ली में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़ाने और एमबीबीएस सीटों में पर्याप्त वृद्धि करने का भी घोषणा की गई है। वृद्धि के बाद दिल्ली में अंडरग्रैजुएट में 820 और पोस्ट ग्रेजुएट में 762 सीट बढ़ाए जाने की योजना है।
रियल टाइम वेंटिलेटर वैकेंसी सिस्टम
डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए रियल टाइम वेंटिलेटर वैकेंसी सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे किसी भी अस्पताल में वेंटिलेटर की उपलब्धता तुरंत पता चल सकेगी।
डिजिटल ब्लड बैंक
दिल्ली में डिजिटल ब्लड बैंक भी स्थापित किया जाएगा, जिसमें रक्तदाताओं का पूरा रेकार्ड सुरक्षित रखा जाएगा। ये दोनों सुविधाएं सरकारी और निजी अस्पतालों दोनों के लिए उपलब्ध होंगी।
अपने बजट बादल में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दावा किया कि ट्रिपल इंजन सरकार (केंद्र, दिल्ली सरकार और स्थानीय निकाय) के समन्वय से सभी घोषणाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जाएगा।
अधूरे प्रोजेक्ट करेंगे पूरा
उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘मेरी कही हर बात ट्रिपल इंजन सरकार का प्रमाण है।’ पिछली सरकार के अधूरे पड़े प्रोजेक्ट अब हम पूरे कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह बजट दिल्ली को स्वस्थ, आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में एक ठोस और दूरगामी कदम साबित होगा, जिसमें कोई भी वर्ग खासकर नवजात शिशु, गंभीर रोगी और आम आदमी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं रहेगा।