अरुणाचल प्रदेश में 31 अक्टूबर से 20 नवंबर तक भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों के दर्शन के अवसर मिलेंगे। अरुणाचल के तीन प्रमुख बौद्ध स्थलों पर इन अवशेषों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि तीन सप्ताह तक चलने वाली इस प्रदर्शनी की शुरुआत 31 अक्टूबर को तवांग से होगी।
दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय से लाए जाने के बाद अवशेष शनिवार से सात नवंबर तक प्रतिष्ठित तवांग मठ में रखे जाएंगे। संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ऐतिहासिक गादेन नामग्याल ल्हात्से (तवांग मठ) में होने वाले उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।
तवांग के बाद अवशेषों को आठ से 13 नवंबर तक पश्चिम कामेंग जिले के बोमडिला में और 14 से 20 नवंबर तक नामसाई जिले के गोल्डन पैगोडा में प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध बौद्ध परंपराओं को दर्शाएगी।
मंत्रालय ने बताया कि एक और उद्घाटन समारोह, साथ ही संबंधित प्रदर्शनी का उद्घाटन 1 नवंबर को निर्धारित है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू मुख्य अतिथि होंगे।
यह प्रदर्शनी 29 से 31 अक्टूबर तक तवांग में पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित किए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट 2026 के अंतिम दिन के साथ होगी।