तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है, जहां थिम्माइपल्ली गांव में करीब 100 आवारा कुत्तों को जहर के इंजेक्शन देकर मार डाला गया। इसके साथ ही दिसंबर 2025 से अब तक राज्य में मारे गए कुत्तों की संख्या 1200 के पार पहुंच गई है।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह निर्मम कृत्य 10 दिन पहले अंजाम दिया गया और शवों को गांव से दो किलोमीटर दूर दफना दिया गया। आरोप है कि इसके लिए पेशेवर डॉग किलर बुलाए गए और करीब 18 हजार रुपये खर्च किए गए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने ग्राम पंचायत सरपंच के बेटे, पंचायत सचिव और एक ग्रामीण के खिलाफ बीएनएस तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक 12 कुत्तों के शव बरामद हुए हैं, जांच जारी है।
पशु कल्याण कार्यकर्ता एम प्रीति ने सीधे तौर पर सरपंच और पंचायत सचिव को इस अमानवीय साजिश के लिए जिम्मेदार बताया है।
आवारा कुत्ता से निजात दिलाने के वादे के लिए की हत्या
कार्यकर्ताओं का दावा है कि दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से किए गए आवारा कुत्तों से निजात के वादे निभाने के लिए यह सामूहिक हत्या कराई गई।
यानी जनसेवा नहीं, बल्कि सत्ता की सीढ़ी बनने के लिए बेजुबानों की बलि दी गई।
इसी बीच सिद्दीपेट जिले के बोप्पापुर गांव में 50 आवारा कुत्तों को अवैध रूप से पकड़कर जंगल में छोड़ने का एक और मामला सामने आया है। इस प्रकरण में भी सरपंच और पंचायत सचिव पर आरोप लगाए गए हैं।