गिट्टी-छर्री-बालू ओवरलोड भारी वाहनों की पासिंग के खेल में पर्दे के पीछे का असली किरदार को सामने लाने की अब तैयारी शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय भी भागलपुर रेंज में सक्रिय गिट्टी-छर्री-बालू माफिया और एंट्री माफिया पर सधी कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है।
डीजीपी विनय कुमार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर, बांका, जमुई, लखीसराय आदि जगहों पर सक्रिय इन माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
तीन अप्रैल 2026 की रात पीरपैंती में साधु मड़िया फोरलेन रोड स्थित हीरानंद मोड़ के पास कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पासिंग गिरोह के जिन सात सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
उनकी सक्रियता के पीछे का असली किरदार कौन है, इसका पता लगा उसका चेहरा उजागर करने में पुलिस टीम लग गई है।
सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस-खनन पदाधिकारियों की टीम ने छापेमारी करते हुए अभिषेक कुमार, नंद जी, मुहम्मद अहमद रजा उर्फ डुगवा, शुभम कुमार, बजरंगी भगत, नीतीश कुमार, धर्मदेव कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से एक लाख 30 हजार 500 रुपये नकद, एक कार, एक स्कार्पियो और सात मोबाइल जब्त किए गए। पासिंग और अवैध खनन के काले खेल में होने वाली लाखों रुपये की राजस्व हानि को देखते हुए पुलिस मुख्यालय खनन पदाधिकारियों के सहयोग से एंट्री माफिया के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाने को कहा है।
इधर पासिंग गिरोह से जुड़े सात आरोपितों की गिरफ्तारी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पुलिस की तकनीकी सेल 50 से अधिक मोबाइल नंबरों को निगरानी के राडार पर ले लिया है।
बरामद सात मोबाइल फोन के कांटेक्ट लिस्ट और वाट्सएप ग्रुप चैटिंग में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही है।