NEET-UG 2026 री-एग्जाम पर फिर उठा विवाद, छात्रों ने परिणाम में कम अंक देने का लगाया आरोप; NTA ने दी सफाई…

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 16 जुलाई की रात घोषित किए गए NEET-UG 2026 के री-एग्जाम के नतीजों के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

21 जून की दोबारा परीक्षा देने वाले कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया है कि उनके खुद से निकाले गए स्कोर और NTA के आधिकारिक रिजल्ट में भारी अंतर है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब NTA ने करीब 20 लाख मेडिकल उम्मीदवारों में से लगभग 11 लाख उम्मीदवारों को 1 लाख 37 हजार MBBS सीटों और अन्य अंडरग्रेजुएट डेंटल, आयुष और संबंधित प्रोग्राम्स के लिए क्वालिफाई घोषित किया।

NTA ने 3 मई को हुई मूल परीक्षा को 12 मई को पेपर लीक के आरोपों और वायरल गेस पेपर के असली प्रश्न पत्र से मिलाने के बाद रद्द कर दिया था और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया था। कथित लीक की जांच कर रही CBI ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस महीने चार्जशीट भी दाखिल हो सकती है।

री-एग्जाम के रिजल्ट आने के बाद छात्रों ने अपने अनुमानित अंकों और फाइनल रिपोर्ट कार्ड के बीच बड़े अंतर के उदाहरण साझा किए हैं। कानपुर की उम्मीदवार आर्या सिंह ने बताया कि उन्होंने आंसर की के आधार पर 609 अंक जोड़े थे लेकिन पोर्टल पर पहले उन्हें 540 अंक दिखे और फिर अचानक घटकर 167 हो गए।

वहीं लखनऊ की प्रतिभा त्रिवेदी को प्रोविजनल आंसर की से मिलान के बाद करीब 640 अंक मिलने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें केवल 38 अंक ही मिले। उन्होंने कहा कि वे NTA को तीन बार ईमेल कर चुकीं हैं। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला ।

रांची के लक्ष्य सिंह ने दावा किया कि उनके हिसाब से स्कोर 660 था लेकिन आधिकारिक नतीजे में सिर्फ 116 अंक दिखाए गए। उन्होंने कहा कि उनकी OMR शीट पर बारकोड, अंगूठे का निशान और हस्ताक्षर हैं और उन्होंने कोई नकली दस्तावेज जमा नहीं किया है।

इन आरोपों के बीच NTA ने X पर पोस्ट कर जवाब दिया। एजेंसी ने कहा कि वेरिफिकेशन के लिए छात्रों द्वारा जमा की गई कई OMR शीट में छेड़छाड़ पाई गई है। NTA ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी कि जांच के लिए केवल असली OMR शीट ही जमा करें।

साथ ही NTA ने चेतावनी दी कि किसी भी नकली या AI- जनरेटेड OMR के मामले में शिकायत करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसी ने यह भी कहा कि वह सभी शिकायतों पर बारीकी से नजर रख रही है और उनकी जांच कर रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि आरोपों की पुष्टि की जांच चल रही है और शिकायतों की कुल संख्या के बारे में जानकारी जल्द साझा की जाएगी।

दिल्ली स्थित कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष केशव अग्रवाल ने कहा कि इसके पीछे प्रश्न पत्र कोड की गलत मैपिंग, सॉफ्टवेयर दिक्कतें या OMR इमेज में छेड़छाड़ जैसे तकनीकी कारण हो सकते हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वास्तविक शिकायतें पहले NTA के आधिकारिक शिकायत निवारण तंत्र के जरिए भेजी जाएं।

इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने NTA को देश के लिए शर्म की बात बताया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परीक्षाओं में बार-बार होने वाले विवादों के लिए केंद्र सरकार पर जवाबदेही तय न करने का आरोप लगाया है।

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