इजरायली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने शनिवार को लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन को कड़ा संदेश दिया कि अगर लेबनान हिजबुल्लाह को निशस्त्र नहीं करता, तो देश को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने पिछले हफ्ते इजरायल पर हमला किया, जिसके जवाब में इज़राइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
काट्ज का लेबनान के राष्ट्रपति को सीधा संदेश
टेलीविजन पर दिए बयान में काट्ज ने कहा कि लेबनान ने समझौते का वादा किया था और हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने का प्रतिबद्धता जताई थी, लेकिन ये काम नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “अगर हमें अपने नागरिकों और सैनिकों की रक्षा के बीच और लेबनान राज्य की रक्षा के बीच चुनाव करना पड़ा, तो कीमत चुकाने वाले लेबनानी सरकार और पूरा लेबनान होगा।”
काट्ज ने स्पष्ट किया कि इजरायल का लेबनान पर कोई क्षेत्रीय दावा नहीं है, लेकिन लेबनानी क्षेत्र से इजरायल पर फिर से हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने राष्ट्रपति आउन से अपील की है कि कुछ करो और कार्रवाई करो, वरना हम और ज्यादा हमले करेंगे।
राष्ट्रपति आउन का वादा और हिजबुल्लाह की स्थिति
जनवरी 2025 में चुने गए राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने शपथ ग्रहण के बाद वादा किया था कि वे लेबनानी सेना की हथियारों पर एकाधिकार बहाल करेंगे और हिजबुल्लाह को निशस्त्र करेंगे। यह वादा नवंबर 2024 के इजरायल-हिजबुल्लाह सीजफायर समझौते के अनुरूप था, जिसमें हिजबुल्लाह को दक्षिण लेबनान से हटना और निशस्त्र होना था।
हालांकि, हिजबुल्लाह ने अभी तक हथियार नहीं छोड़े हैं और ईरान के समर्थन से सक्रिय बना हुआ है। पिछले हफ्ते ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमला किया, जिससे तनाव फिर बढ़ गया।
इजरायल की सैन्य कार्रवाई
इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर दक्षिण लेबनान के अलावा राजधानी बेरूत और उत्तर में त्रिपोली तक हमले तेज कर दिए हैं। इजरायली सैन्य प्रवक्ता से पूछे जाने पर कि क्या बड़े पैमाने पर जमीनी हमला तैयार है, उन्होंने कहा कि सभी विकल्प टेबल पर हैं।
इजरायल का कहना है कि वह लेबनान से आने वाले हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और आवश्यकता पड़ने पर और मजबूत कार्रवाई करेगा। क्षेत्रीय संदर्भ और बढ़ता तनावयह चेतावनी पश्चिम एशिया में चल रहे बड़े संघर्ष का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध तेज हो रहा है।
हिजबुल्लाह ईरान का प्रमुख सहयोगी है, और लेबनान में उसकी मौजूदगी से इजरायल को उत्तरी सीमा पर खतरा बना हुआ है।