देश की सुरक्षा और अखंडता पर घात लगाने वाले डिजिटल नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कड़ा प्रहार किया है।
गुजरात से संचालित हो रहे खतरनाक ऑनलाइन कट्टरपंथ नेटवर्क के मुख्य आरोपित फैजान के खिलाफ एनआईए ने अहमदाबाद की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
यह सिर्फ एक आरोपित के खिलाफ आरोप पत्र नहीं है, बल्कि उस गहरे और नफरती तंत्र का भंडाफोड़ है जो इंटरनेट मीडिया के जरिये भारतीय युवाओं के दिलों में जहर घोलने की साजिश रच रहा था।
एजेंसी का आरोप है कि उसने हिंसक जिहाद को बढ़ावा देने की साजिश रची, टारगेटेड किलिंग (चुनिंदा लोगों की हत्या) की योजना बनाई और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को भारत से अलग करने की दिशा में काम किया।
पाकिस्तानी हैंडलर से साठगांठ और कत्ल की साजिश
एनआइए की जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि फैजान सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर और अल-कायदा से जुड़ा हुआ था।
उसका मकसद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत से अलग करने की देशविरोधी साजिश को अंजाम देना था। इतना ही नहीं, देश में सांप्रदायिक तनाव और अराजकता फैलाने के लिए उसने चुनिंदा लोगों की ‘टारगेट किलिंग’ की भी रणनीति बनाई थी।
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इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए उसने उत्तर प्रदेश से अवैध हथियार और छह जिंदा कारतूस भी जुटाए थे, जिन्हें जांच के दौरान जब्त कर लिया गया है।
इंटरनेट मीडिया बना ‘नफरत का औजार’
फैजान अपने इंस्टाग्राम अकाउंट (अल डाट फैजानगजा) का इस्तेमाल मासूम और भोले-भाले युवाओं को बरगलाने के लिए कर रहा था। वह हिंसक जेहाद और सशस्त्र विद्रोह को बढ़ावा देने वाले खतरनाक वीडियो अपलोड करता था और युवाओं को लालच देकर भड़काता था।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच में उसके डिवाइस से ऐसे कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद हुई हैं, जो उसके काले कारनामों की गवाही देती हैं। गुजरात एटीएस द्वारा शुरू की गई इस जांच को मार्च में एनआईए ने संभाला था।
यूएपीए, बीएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज यह मामला देश को बांटने वाली ताकतों के मुंह पर एक करारा थप्पड़ है। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और सीमा पार बैठे आकाओं को बेनकाब करने में जुटी है।