अमेरिका के इलिनॉय राज्य में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कोशिश नाकाम हो गई, क्योंकि जैसे ही उसने राइफल चलाने की कोशिश की, राइफल जाम हो गई और उसके नरसंहार की कोशिश नाकाम हो गई, जिससे लोगों की जान बच गई।
अधिकारियों के अनुसार, उसने अपने सहकर्मी को बताया था कि वह शनिवार को शिकागो से लगभग 70 किलोमीटर दूर ऑरोरा में एक हिंदू मंदिर गया था और गोलीबारी करने की कोशिश की थी, लेकिन जैसे ही उसने ट्रिगर दबाने की कोशिश की, उसकी बंदूक जाम हो गई, जिससे उसकी पूरी साजिश विफल हो गई।
खुद को श्वेत वर्चस्ववादी और नव-नाजी बताने वाले आरोपी एलेक्जेंड्रॉस पापोरकिस को पुलिस ने उसके सहकर्मी से मिली गुप्त सूचना के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आरोपी के घर से स्वचालित राइफल, सैकड़ों कारतूस और बॉडी आर्मर मिले हैं।
8 पन्नों का नफरती पत्र बरामद
हमलावर ने खुद को श्वेत वर्चस्ववादी नव-नाजी बताया, उसके पास से 8 पन्नों का एक नफरती घोषणापत्र भी बरामद हुआ है, यह पत्र भारतीयों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के प्रति नफरत से भरा हुआ है।
पुलिस द्वारा उसे अदालत में पेश किया गया और उस पर आतंकवादी धमकी देने और गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखने का आरोप लगाया गया। कोर्ट ने आरोपी को 30 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
सहकर्मी से मिली जानकारी के आधार पर किया गया गिरफ्तार
एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को रविवार को शिकागो से लगभग 60 किलोमीटर दूर पैलेटाइन में उसके घर के बाहर गिरफ्तार किया गया। उसे उस सहकर्मी से मिली जानकारी के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जो उसके साथ एक फास्ट-फूड रेस्तरां में काम करता था।
पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने कहा कि पैपोराकिस के घर की तलाशी में एक राइफल भरी हुई मैगजीन, सैकड़ों राउंड गोला-बारूद और बॉडी आर्मर मिला। बॉडी आर्मर पर श्वेत वर्चस्ववादी चरमपंथी डिजाइन बने हुए थे।
बड़े पैमाने पर गोलीबारी की साजिश नाकाम
अभियोजक पक्ष के अनुसार, आरोपी ने बातचीत के दौरान अपने सहकर्मी को बताया कि उसने बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की साजिश रची थी, लेकिन जब उसने ट्रिगर दबाया तो राइफल से गोली नहीं चली और वह बहुत तेजी से भाग गया।
हमलावर की जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त
हमलावर के एक सहकर्मी ने, जिसकी पहचान गुप्त रखी गई है, माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस से संपर्क कर इस बात की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पैलेटाइन अधिकारियों तक पहुंचा। आरोपी पापोरकिस ने अपने साथ काम करने वाले इस कर्मचारी को टैक्टिकल वेस्ट (सुरक्षात्मक जैकेट) पहने हुए अपनी एक तस्वीर और आठ पन्नों के घोषणापत्र की प्रति भेजी थी। इस घोषणापत्र का शीर्षक था- मैंने लड़ाई क्यों लड़ी।
अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, उसका यह घोषणापत्र भारतीय मूल के लोगों और हिंदू मंदिर के प्रति घृणा व नस्लवादी टिप्पणियों से भरा हुआ था। अभियोजकों ने बताया कि आरोपी ने ज्यादा से ज्यादा अल्पसंख्यकों की हत्या करने और उसके बाद खुद भी जान देने का इरादा जताया था।
पिछले दो सालों से रच रहा था साजिश
आरोपी पापोरकिस खुद को नफरत से भरा सोशियोपैथिक श्वेत वर्चस्ववादी नव-नाजी मानता था और पिछले दो सालों से इस हमले की साजिश रच रहा था। उसने अपने घोषणापत्र में यहूदी लोगों और अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों सहित गैर-श्वेत लोगों के प्रति भी नफरत जाहिर की थी।
पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने कहा कि घोषणापत्र पढ़ने से साफ पता चलता है कि वह उग्रवादी विचारधारा से प्रभावित था। उसने हिंसा, सामूहिक नरसंहार और इस गोलीबारी को अंजाम देने की अपनी योजनाओं का विस्तार से जिक्र किया था।