सुप्रीम कोर्ट ने गोवा विधानसभा के अध्यक्ष के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने पर गुरुवार को सहमति जताई।
विधानसभा अध्यक्ष ने 2022 में भाजपा में शामिल होने वाले आठ विधायकों को अयोग्य ठहराने के कांग्रेस के अनुरोध को ठुकरा दिया था।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जायमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने आठ विधायकों के दल-बदल को लेकर कांग्रेस नेता गिरीश चोडणकर की अपील को स्वीकार कर लिया।
प्रधान न्यायाधीश ने याचिका स्वीकारते हुए कहा, अंतिम सुनवाई के लिए याचिका को तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष प्रस्तुत करें।
कांग्रेस नेता के वकील ने कहा कि पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुने गए 11 विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार, अगर किसी विधायक दल के दो-तिहाई सदस्य किसी दूसरी पार्टी में विलय करते हैं, तो इसे राजनीतिक दलों का विलय ही माना जाएगा।
इस मामले पर तुरंत सुनवाई की जरूरत है क्योंकि इस विधानसभा का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा। सालिसिटर जनरल तुषार मेहता विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय की ओर से पेश हुए।