देश में वर्ष 2027 की जनगणना की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। अब तक पूरे देश में 12 लाख से ज्यादा घरों ने खुद ही ऑनलाइन जनगणना (सेल्फ एनुमरेशन) कर ली है। इनमें से आधे से ज्यादा घरों ने पिछले चार-पांच दिनों में यह काम पूरा किया है।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 15 दिनों का स्व-जनगणना विंडो बुधवार को समाप्त हो गया।
इनमें अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, गोवा, कर्नाटक, ओडिशा, दिल्ली एनसीआर के एनडीएमसी और कैंटोनमेंट क्षेत्र, मिजोरम, सिक्किम और लक्षद्वीप शामिल हैं।
अब इन आठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में घर-घर जाकर गणना (फील्ड ऑपरेशन) कल यानी गुरुवार 16 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। यह फील्ड गणना एक महीने तक चलेगी और 15 मई को समाप्त होगी।
अभी तक कितने घरों ने खुद गिनती कराई?
अब तक इन आठ राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 12 लाख घरों ने सेल्फ एनुमरेशन किया है। यह संख्या इन राज्यों की कुल आबादी के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए गणक (एनुमरेटर) द्वारा घर-घर जाकर गणना करना बहुत जरूरी है। इससे आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों को सही और पूरा तरीके से दर्ज किया जा सकेगा।
बाकी राज्यों में कब शुरू होगा सेल्फ एनुमरेशन?
- 19 अप्रैल तक: गुजरात, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव
- 24 अप्रैल तक: उत्तराखंड
- 21 अप्रैल (सोमवार) से शुरू: आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़
- 18 अप्रैल (शुक्रवार) से शुरू: बिहार
क्यों जरूरी है यह जनगणना?
जनगणना की यह पहली चरण (हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन) देश में भविष्य की योजनाओं, कल्याण कार्यक्रमों और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। सही आंकड़ों के बिना सरकार को सही योजना बनाना मुश्किल होता है।