अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटे चली मैराथन वार्ता के विफल होने के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए तीखी चेतावनी दी है।
ट्रंप ने कहा कि वह एक दिन में ईरान को खत्म करने की क्षमता रखते हैं और जरूरत पड़ने पर उसके ऊर्जा ढांचे, बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ट्रंप ने ये भी आशंका जताई है कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों तक तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।
‘वेंस ने मुझे दे दी सारी जानकारी’
इससे पहले ट्रंप दावे करते रहे हैं कि तेल की कीमतें थोड़े समय के लिए ही बढ़ी हैं और ईरान युद्ध से अमेरिका को फायदा होगा। ट्रंप ने बताया कि इस्लामाबाद में हुई ईरान से वार्ता के बारे में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उन्हें सारी जानकारी दे दी है।
उन्होंने कहा कि बातचीत काफी अच्छी रही, ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन केवल एक ही मुद्दा, जो कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा था, उस पर बात नहीं बन सकी है।
‘ईरान से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये भी कहा कि ईरानी नेतृत्व के साथ जिन बिंदुओं पर सहमति बनी, वे सैन्य अभियानों को अंत तक जारी रखने से बेहतर थे।
ट्रंप ने कहा कि परमाणु ऊर्जा को ऐसे अस्थिर, कठिन और अप्रत्याशित लोगों के हाथों में सौंपने की तुलना में ये सभी बातें कोई मायने नहीं रखतीं। उन्होंने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम ईरान से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ईरान में बचाखुचा काम तेजी से निपटा सकती है। अमेरिका उचित समय पर कार्रवाई के लिए तैयार है।
एएनआई के अनुसार, फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने विश्वास जताया कि ईरान अंतत: अमेरिकी शर्तें मानने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा, “वे वापस आएंगे और हमें सब कुछ देंगे। उनके पास कोई विकल्प नहीं है।”
ट्रंप ने अपने हालिया “पूरी सभ्यता खत्म” वाले बयान का बचाव करते हुए कहा कि इसी सख्त रुख ने ईरान को वार्ता की मेज तक लाने में भूमिका निभाई।
ट्रंप ने चीन को दी धमकी
एपी के अनुसार, ट्रंप ने चीन को ईरान की मदद न करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर चीन ईरान की मदद करता है तो अमेरिका उस पर भारी टैक्स लगाएगा। ट्रंप ने कहा कि अगर चीन ईरान को सैन्य मदद देता हुआ पकड़ा गया, तो उस पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाएगा।
होर्मुज को लेकर अमेरिका में ही मतभेद
वहीं, होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर अमेरिका में ही मतभेद उभरने लगे हैं। रायटर के अनुसार, सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट सीनेटर मार्क वार्नर ने होर्मुज जलडमरूमध्य की संभावित नाकेबंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे ईरान पर दबाव बनाने के बजाय स्थिति और बिगड़ सकती है।
उन्होंने चेताया कि ईरान के पास सैकड़ों तेज नावें और माइंस हैं, जिनसे वह जलमार्ग को बाधित कर सकता है।वहीं, रिपब्लिकन सीनेटर रोन जानसन ने भी संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी उद्देश्यों को हासिल करना लंबी प्रक्रिया हो सकती है और यह संघर्ष जल्दी खत्म होने वाला नहीं है।