खैरागढ़ : राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिए कलेक्टर ने दिए निर्देश…

100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव, टीबी मुक्त ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर

कलेक्टर सह अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर महोदय ने सभी संस्था प्रभारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने तथा कम प्रगति वाले इंडिकेटर्स में विशेष प्रयास कर सुधार लाने के निर्देश दिए।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं का पंजीयन ( पी डब्ल्यू रजिस्ट्रेशन), एएनसी-1, एएनसी-4 एवं संस्थागत प्रसव में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि जिले में 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए तथा घर पर होने वाले प्रसव को शून्य किया जाए। इसके लिए हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान, नियमित फॉलोअप तथा आवश्यकता अनुसार समय पर रेफरल सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

टीकाकरण एवं एच वी पी वैक्सीनेशन में तेजी

नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में छूटे एवं ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उनका टीकाकरण पूर्ण कराने तथा निर्धारित कवरेज प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पात्र किशोरियों में एचवीपी वैक्सीनेशन की प्रगति बढ़ाने तथा लाभार्थियों एवं अभिभावकों को इसके महत्व के संबंध में जागरूक करने पर जोर दिया गया।

मलेरिया, लेप्रोसी एवं नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम में शत-प्रतिशत उपलब्धि

कलेक्टर महोदय ने मलेरिया, लेप्रोसी तथा नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम की समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संस्था प्रभारियों को कार्यक्रमवार लक्ष्य एवं उपलब्धि की नियमित समीक्षा करते हुए कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों में विशेष रणनीति के साथ मैदानी गतिविधियां संचालित करने को कहा।

*टीबी मुक्त ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक के लिए इंडिकेटर आधारित प्लानिंग*

टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत एवं टीबी मुक्त ब्लॉक के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इंडिकेटर आधारित माइक्रो-प्लानिंग करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं ब्लॉक स्तर पर निर्धारित इंडिकेटर्स के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर टीबी स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, पोषण सहायता एवं फॉलोअप जैसी गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित किया जाए।

पीएम -जनमन के अंतर्गत अधिक से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण

पीएम-जनमन के अंतर्गत संचालित एमएमयू ( मोबाइल मेडिकल यूनिट) की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर महोदय ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि MMU टीम द्वारा दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में पहुंचकर विभिन्न रोगों की स्क्रीनिंग तथा अधिक से अधिक ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों को उनके गांव के समीप ही आवश्यक स्वास्थ्य जांच, चिकित्सा परामर्श, उपचार एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। MMU टीम द्वारा नियमित रूप से निर्धारित क्षेत्रों में भ्रमण कर अधिक से अधिक पात्र ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए।

आईडीएसपी पोर्टल पर रियल टाइम रिपोर्टिंग

इंटीग्रेटेड डिसीज़ सर्विलांस प्रोग्राम 
 (IDSP) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विभिन्न रोगों एवं असामान्य स्वास्थ्य घटनाओं की जानकारी IDSP पोर्टल पर रियल टाइम में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना एवं रिपोर्टिंग से संभावित रोग प्रकोप की शीघ्र पहचान कर तत्काल आवश्यक नियंत्रण एवं रोकथाम की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

एनपी-एनसीडी में स्क्रीनिंग एवं फॉलोअप बढ़ाने के निर्देश

एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत उच्च रक्तचाप, मधुमेह सहित गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, पहचान, पंजीयन, उपचार एवं नियमित फॉलोअप में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्धारित कैंसर स्क्रीनिंग गतिविधियों में भी लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि सुनिश्चित करने को कहा गया।

कलेक्टर ने सभी संस्था प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने संस्थानों में सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करें तथा जिन इंडिकेटर्स में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, उनमें विशेष कार्ययोजना बनाकर सुधार सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल लक्ष्य की पूर्ति तक सीमित न होकर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा जिले के स्वास्थ्य संकेतकों में वास्तविक सुधार लाना होना चाहिए। 
लक्षित कार्य अनुसार दायित्व निर्वहन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु सचेत किया गया। एवं उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किए जाने निर्देशित किया गया।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आशीष शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती सोनल ध्रुव, स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम नोडल अधिकारी, बीएमओ, संस्था प्रभारी, बीईटीओ एवं संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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