विज्ञानियों ने पता लगाया है कि ग्लोबल वार्मिंग की रफ्तार बढ़ गई है। 2015 के आसपास से ग्लोबल वार्मिंग की रफ़्तार बढ़ी है।
पाट्सडैम इंस्टीट्यूट फार क्लाइमेट इंपैक्ट रिसर्च (पीआइके) के विश्लेषण के आधार पर विज्ञानियों ने यह दावा किया है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनिया का तापमान लगभग 0.35° डिग्री सेल्सियस प्रति दशक की अनुमानित रफ़्तार से बढ़ रहा है। 1970 से 2015 के बीच तापमान बढ़ने की औसत दर 0.2°डिग्री सेल्सियस प्रति दशक से थोड़ी कम थी।
यह अध्ययन वैज्ञानिक जर्नल जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित हुआ है।
साइंस डेली की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सांख्यिकी विशेषज्ञ और इस अध्ययन के सह-लेखक ग्रांट फोस्टर ने कहा, हम 2015 के आसपास से ग्लोबल वार्मिंग में तेजी आई है।
तापमान के सभी पांचों रिकार्ड में एक जैसा ही पैटर्न दिखा, भले ही ये डाटा अलग-अलग वैज्ञानिक संगठनों ने तैयार किए थे और इनमें अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया गया था।
सभी डेटासेट में ग्लोबल वार्मिंग में 2013 या 2014 में दिखने लगी थी। शोधकर्ता इस बड़े बदलाव की शुरुआत 2015 के आसपास मानते हैं, जब इसके साक्ष्य स्पष्ट हुए।