‘चुन्युन’ की शुरुआत: 40 दिनों में 9.5 अरब यात्राओं का अनुमान, चीन में लूनर न्यू ईयर पर रिकॉर्ड सफर…

चीन में लूनर न्यू ईयर से पहले हर साल होने वाली ‘चुन्युन’ यात्रा इस बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। लाखों लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए लंबी दूरी तय कर रहे हैं। आर्थिक मुश्किलों के बावजूद लोग घर लौटने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

बीजिंग में निर्माण कार्य करने वाले लियू झीक्वान चेंगदू जाने के लिए 30 घंटे से ज्यादा की ट्रेन यात्रा का इंतजार कर रहे थे। चेंगदू, सिचुआन प्रांत की राजधानी है, जो बीजिंग से करीब 2,000 किलोमीटर दूर है।

उन्होंने कहा कि इस साल हालात पिछले साल से ज्यादा खराब लग रहे हैं। अर्थव्यवस्था कमजोर है और पैसे कमाना मुश्किल होता जा रहा है। लियू ने पैसे बचाने के लिए धीमी ट्रेन चुनी।

तेज रफ्तार ट्रेन से सफर सिर्फ नौ घंटे में पूरा हो सकता था, लेकिन उसका किराया दोगुने से भी ज्यादा था।

रिकॉर्ड स्तर पर यात्रा

फिर भी लियू ने घर जाने का फैसला किया, क्योंकि यह साल का वह खास समय है जब देशभर के कामगार छुट्टी लेकर परिवार के साथ समय बिताते हैं।

चीन में लूनर न्यू ईयर 17 फरवरी को मनाया जाएगा। इस मौके पर होने वाली 40 दिन की यात्रा अवधि को “चुन्युन” कहा जाता है। सरकारी अनुमान के मुताबिक, इस दौरान 9.5 अरब यात्राएं होंगी, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

ट्रेन और हवाई सफर के आंकड़े

राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के अनुसार, इन 9.5 अरब यात्राओं में से करीब 54 करोड़ यात्राएं ट्रेन से होंगी। लगभग 9.5 करोड़ लोग हवाई जहाज से सफर करेंगे।

बाकी अधिकतर लोग सड़क मार्ग से अपने घर जाएंगे। चीन में काम के लंबे घंटे और कम वार्षिक छुट्टियों के कारण यह त्योहार लोगों के लिए बेहद खास होता है।

बीजिंग के रेलवे स्टेशन पर यात्री बड़े-बड़े बैग और सूटकेस के साथ इंतजार करते नजर आए। कई लोग इंस्टेंट नूडल्स खा रहे थे, क्योंकि स्टेशन पर मुफ्त में गर्म पानी मिलता है।

बीजिंग में नई-नई नौकरी शुरू करने वाली तियान डुओफू ने कहा कि वह 15 फरवरी से शुरू हो रही नौ दिन की छुट्टी का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि नौकरी शुरू करने के बाद समझ आया कि इतनी लंबी छुट्टी मिलना दुर्लभ है और परिवार के साथ मिलना-जुलना कम होता जा रहा है। इसलिए स्प्रिंग फेस्टिवल उनके लिए खास है।

परिवार से मिलने की खुशी

हेनान प्रांत की तियान यूनशिया, जो बीजिंग में नाश्ते का ठेला चलाती हैं, ने कहा कि नया साल सबसे बड़ा त्योहार है। उन्होंने कहा, “अगर हम घर नहीं जाएंगे तो त्योहार का असली माहौल महसूस नहीं कर पाएंगे।” वह अपने बच्चों, पोते-पोतियों और पति से मिलने के लिए घर जाना चाहती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *