ओडिशा की एक बच्ची, जिसे करीब सात साल पहले अमेरिका के एक दंपति ने गोद लिया था, आज अपने ही जीवन की सबसे बड़ी संकट से जूझ रही है।
उसने एक भावुक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री मोहन मांझी से अपील की है- “मुझे घर वापस ले आइए, मैं बहुत प्रताड़ना झेल रही हूँ।”
अमेरिका में अत्याचार का आरोप
जानकारी के अनुसार, बालेश्वर की मूल निवासी पुजा उर्फ सेजल को 2018 में एक अमेरिकी दंपति ने गोद लिया था। उस वक्त वह बाल संरक्षण केंद्र (चाइल्डलाइन) के जरिए एक आश्रय गृह में रह रही थी।
परदेश जाने के कुछ वर्षों बाद ही उसका जीवन नरक बन गया।
पुजा ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि उसे अमेरिका में शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।
उसके मुताबिक, दत्तक माता रोजाना उससे घरेलू काम करवाती हैं, उसे सोने और खाने भी नहीं दिया जाता, और विरोध करने पर मारपीट की जाती है।
वीजा खत्म, डर और धमकी
पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि उसका वीज़ा 2023 में ही समाप्त हो गया, और तब से वह बिना कानूनी वैधता के वहाँ रह रही है।
उसने कहा कि दत्तक माता उस पर धार्मिक परिवर्तन का दबाव बना रही हैं, और इंकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई है।
वीडियो संदेश में रोते हुए लगाई गुहार
रोते हुए पुजा ने कहा, “मुझे बहुत मारा-पीटा जाता है… मैं वापस ओडिशा लौटना चाहती हूँ। कृपया मुख्यमंत्री साहब मेरी मदद करें।”
बाल कल्याण और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग
यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय दत्तक ग्रहण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को तत्काल विदेश मंत्रालय और अमेरिकी दूतावास के माध्यम से हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि बालिका को सुरक्षित भारत वापस लाया जा सके।
सरकार की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि मामला संज्ञान में लिया गया है और विदेश मंत्रालय व बाल संरक्षण आयोग से समन्वय किया जा रहा है।