छत्तीसगढ़ में महज 10 हजार रुपये के लिए एक युवक कागजों पर महिला बन गया। मामला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले का है, जहां महतारी वंदन योजना में एक पुरुष द्वारा आवेदन कर 10 माह तक सहायता राशि लेने का मामला सामने आया है।
आरोपित तिलोक साहू ने अपने नाम से आवेदन किया, जो महिला हितग्राही के रूप में स्वीकृत हो गया। इसके बाद मार्च से दिसंबर 2024 तक उसके खाते में हर माह एक-एक हजार रुपये जमा होते रहे।
ई-केवाईसी के दौरान मामला उजागर हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने करीब दो साल बाद इसी माह लाभ की राशि की रिकवरी कराई।
कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक तिलोक का दावा है कि उसने केवल पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया समझने के लिए अपने नाम से आवेदन किया था, लेकिन आवेदन स्वीकृत हो गया। हालांकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक ने उसका सत्यापन कर दिया।