सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक – छत्तीसगढ़):
धमतरी- शहर से लगे गांवों में खड़खड़िया ने दस्तक दे दी है। मालूम हो कि जिले में मड़ई-मेला का दौर अब शुरू हो चुका है, ऐसे में ज़ाहिर सी बात है कि मड़ई में खड़खड़िया की खड़क सुनाई न दे ऐसा मुमकिन नहीं!
इसमें एक ही रात में 10 से 15-20 लाख तक के दांव लग जाते हैं। कई घटनाएं भी पहले हो चुकी हैं। लेकिन इस खड़खड़िया पे अब तक प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।
अब फिर से एक नया दौर शुरू हो चुका है। आज मंगलवार को ज़िले के ग्राम दर्री में मड़ई थी, और अब (शाम से) वहां सज चुकी है खड़खड़िया की महफ़िल।
मिली जानकारी के मुताबिक खड़खड़िया संचालक कई दिन पहले ही गांव के प्रमुखों के साथ मीटिंग कर चुका है, इसके अलावा पुलिस मीटिंग भी हो चुकी, जब सभी जगह से मामला सेट हो गया, उसके बाद अब सज चुका है खड़खड़िया फड़।
विश्वसनीय सूत्र से पता चला है कि एक फड़ में लगभग 1.5 से 2 लाख तक की भेंट पूजा कुछ कथित पत्रकारों और खाकी धारियों की की जाती है। तब कही जाकर लगते हैं धड़ल्ले से दांव।
कई बड़े नेता है इस क्षेत्र में…
बता दें कि इस इलाके से कई नेता जिले भर में खासे नामवर हैं, जो कई मुद्दों को लेकर काफी मुखर भी रहे हैं, और प्रशासन से सवाल करते रहे हैं। लेकिन इस मामले में उनकी ख़ामोशी कई सवाल खड़े कर रही है।
बहरहाल इस मामले में अर्जुनी थाना प्रभारी राजेश जगत से उनका पक्ष जानने उन्हें कॉल किया गया तो वे इस बात से अंजान नज़र आए कि उनके थाना क्षेत्र में फड़ सज चुका है, बाद में वे कार्यवाही करने की बात कहकर पेट्रोलिंग पार्टी रवाना करने की बात कहे, लेकिन उनसे बात होने के 4 घंटे बाद और समाचार लिखे जाने तक मौके पर कोई भी पेट्रोलिंग पार्टी नहीं पहुंची।
हालांकि थाना प्रभारी महोदय का ये जवाब कोई नया नहीं है, इससे पहले भी कई सालों से इस मामले में थाना प्रभारियों के इसी तरह के जवाब आते रहे हैं, जबकि सभी का हिस्सा पहले भी सेट था और शायद अब भी!
एसपी ने मीटिंग में दिए निर्देश…
ज़िले के एसपी सूरज सिंह परिहार ने सोमवार को नए साल व मड़ई के मद्देनजर सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारियों की मीटिंग लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिए, बावजूद शहर से महज़ चंद किलोमीटर की दूरी पर दूसरे ही दिन मड़ई के बाद खड़खड़िया जुआं फड़ लगना संबंधित थाना प्रभारी, स्टाफ व पुलिसिया व्यवस्था समेत ख़ूफ़िया तंत्र पर भी सवाल खड़े कर रहा है।